परिजनों को एक खेत में भीड़ दिखी
रात करीब दस बजे भी वह नहीं लौटा तो परिजनों ने तलाश शुरू की। रात करीब दो बजे तक तलाशने के बाद सभी घर लौट आए। सुबह सात बजे फिर से तलाश के लिए निकले तो मर्दनपुर में जहां पेंटिंग का काम मिला था, परिजनों ने वहां का रुख किया। इस बीच वहां पहुंचने पर एक खेत में भीड़ दिखी।
दोस्तों के साथ खाने-पीने के बात आई है सामने
परिजन नजदीक पहुंचे तो पता चला कि वह साहिल का शव था। परिजन शव को अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन उठाने पर पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है, तो उसे घर ले आए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। एडीसीपी दक्षिण अंकिता शर्मा ने बताया कि परिजनों ने दोस्तों के साथ खाने-पीने के बात कही है।
मां बोली- अकेला सहारा था, अब कैसे जिऊंगी
परिजनों ने किसी पर आरोप नहीं लगाया है। जांच कराई जा रही है और जल्द ही खुलासा किया जाएगा। सरस्वती देवी ने बताया कि साहिल उनका अकेला सहारा था। अब वह नहीं है, तो मैं कैसे जिऊंगी। बहू और पोती का कैसे गुजारा करेंगे।