कानपुर जिला प्रशासन ने नगर निगम में जीका कंट्रोल रूम शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी विशाख जी ने बताया कि कंट्रोल रूम को जीका रोगियों की सेहत का फीडबैक लेने की जिम्मेदारी दी गई है। सुबह-शाम रोगियों से जानकारी लेने के साथ उनके वाइटल्स की जांच भी की जा रही है।
कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी रोगियों को फोन करते हैं। रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) रोगियों की सेहत की जांच करती है और दवा उपलब्ध कराती है। जीका के ज्यादातर रोगी होम आइसोलेशन में हैं। इनके घरों में एडीज एजिप्टाई मच्छरों के ब्रीडिंग स्थल नष्ट कर दिए गए हैं।
इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि रोगियों को मच्छर न काटने पाएं। दरअसल, मच्छर संक्रमित रोगी को काटने के बाद किसी दूसरे को काटेगा तो उसे भी जीका का संक्रमण हो जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि कंट्रोल रूम में यह व्यवस्था की गई है कि अगर रोगी को कोई दिक्कत होती है तो संबंधित विशेषज्ञता के डॉक्टर से संपर्क करने की उसे सलाह दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो रोगी को तुरंत अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। इसके लिए हैलट, उर्सला, डफरिन और कांशीराम अस्पताल में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं।