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लॉकडाउन का एक साल: दुकानें बंद रखीं पर जरूरतमंदों के लिए खुला रहा दिल, इन्होंने दिखाई दरियादिली

Tue, 23 Mar 2021 11:54 AM IST
शिखा पांडेय अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
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लॉकडाउन का एक साल - फोटो : अमर उजाला
एक साल पहले जब कोरोना के कारण कानपुर समेत देश भर में लॉकडाउन किया गया था। उन दिनों लोग जब किसी भी सामान आदि को छूने तक से डरने लगे थे तब कानपुर के व्यापारियों और उनके संगठन ने बिना डरे जहां जरूरतमंदों को खाने-पीने का सामान मुहैया कराया वहीं मास्क, काढ़ा, सैनिटाइजर बांटने से भी पीछे नहीं हटे।

किसी ने जनता कर्फ्यू वाले दिन से खाना बांटना शुरू किया तो किसी ने लॉकडाउन लगने वाले दिन के बाद से जरूरतमंदों को मदद पहुंचायी। पैदल आने और जाने वाले  प्रवासियों को दिन-रात हाईवे पर खाना-पानी का वितरण किया गया। ट्रेनों, बसों के चलने पर लाखों लंच पैकेट मुहैया कराया।

कानपुर के सभी प्रमुख और व्यापारियों ने किसी भी जरूरतमंद को निराश नहीं होने दिया। पेश है एक रिपोर्ट...
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संत मिश्रा व सुबोध चोपड़ा - फोटो : अमर उजाला
अन्नपूर्णा रसोई: कानपुर उद्योग व्यापार मंडल श्याम बिहारी मिश्रा गुट की ओर से आचार्य नगर स्थित सिद्धेश्वर धर्मशाला में 74 दिन तक अन्नपूर्णा रसोई चलाई गई। रसोई के संयोजक संत मिश्रा ने बताया कि इसकी शुरूआत 27 मार्च 2020 को हुई थी। यह रसोई 8 जून तक चलाई गई थी जिसमें जरूरतमंदों के लिए प्रतिदिन औसतन 1800  लंच पैकेट जरूरतमंदों तक पहुंचाने का कार्य किया गया। पशुओं को भी 36 दिन हरे चारे की व्यवस्था की गई थी।

20 दिन बांटा खाद्यान्न: कानपुर उद्योग व्यापार मंडल कंछल गुट के जिलाध्यक्ष सुबोध चोपड़ा ने बताया कि 25 मार्च से 14 अप्रैल तक  लोगों को भोजन ,कच्चा राशन सब्जी के अलावा, दूध, बिस्कुट के अलावा सैनिटाइजर और  मास्क का वितरण किया गया। सुबह और शाम दोनों समय अलग-अलग जरूरमदों की मदद की।
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अभिमन्यु गुप्ता व संजय टंडन - फोटो : अमर उजाला
72 दिन बांटा जरूरतमंदों को खाना: उप्र प्रांतीय व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता ने बताया कि उन्होंने और उनकी टीम ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में जनता कर्फ्यू की शुरूआत से लेकर लगातार 72 दिन तक जरूरतमंदों को राशन, पानी, दवा, मास्क, काढ़ा, सैनिटाइजर की मदद पहुंचाई गाय, चिड़ियों और पशुओं को भी लगातार खाना और चारा दिया गया।

55 दिन चली रसोई: कानपुर व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय टंडन ने बताया कि एसोसिएशन की ओर से संत नगर चौराहा पर 55 दिन तक रसोई चलाई गई। इसमें हर दिन अलग-अलग प्रकार के खाने की व्यवस्था की गई थी। इसके साथ ही लोगों को दवाएं, मास्क आदि का वितरण किया गया। 

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ज्ञानेश मिश्रा व महेश चंद्र जैन - फोटो : अमर उजाला
15 अगस्त तक जरूरतमंदों को बांटा सामान: अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री ज्ञानेश मिश्रा ने बताया कि 24 मार्च 2020 लॉकडाउन के पहले दिन से लंच पैकेट बांटने के साथ 30 मार्च 2020 से सूखा राशन किट बांटना शुरू कर दिया गया था जो कि 15 अगस्त 2020 तक चलता रहा। बाईपास पर गुजरने वाले प्रवासियों को खाना, पानी का वितरण किया गया।

विशेष श्रमिक ट्रेनों के लिए बनवाए लंच पैकेट: उप्र सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश चंद्र जैन ने बताया कि शहर के सभी सराफा कारोबारियों ने मिलकर 28 मार्च 2020 से 20 मई 2020 तक अग्रसेन स्मृति भवन मेस्टन रोड में रसोई चलाई थी। जिसमें प्रतिदिन लगभग 4000 भोजन के पैकेट बनाकर बांटे जाते थे। 18 मई से 28 मई 2020 तक श्रमिक विशेष रेलगाड़ी के लिए 2000 पैकेट नमकीन, मठरी आदि के रेलवे स्टेशन के अफसरों को भेजे गए थे।

 
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संदीप पांडेय व विनोद गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
56 दिन चलाई जरूरत की रसोई: कानपुर ग्रामीण उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री संदीप पांडेय ने बताया कि जनता कर्फ्यू से लेकर लगातार 56 दिन तक जरूरत की रसोई चलाई गई थी। जिसमें रोजाना 800 से 1000 लंच पैकेट जरूरतमंदों को वितरित किए जाते थे।

लगातार 20 दिन बांटे थे खाने के पैकेट
कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री विनोद गुप्ता ने रक्षा सेवा संस्थान के बैनर तले जनता कर्फ्यू के दूसरे दिन से एक्सप्रेस रोड, घंटाघर समेत शहर के अलग-अलग हिस्सों में जरूरतमंदों को खाने के पैकेट आदि का वितरण किया था। लगातार 20 दिन तक लोगों को मदद पहुंचाने का कार्य किया गया था।
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