कानपुर जीएसवीएम मेडिकल कालेज के जीका एक्शन प्लान के तहत व्यवस्था कर दी गई है कि अगर गर्भवती महिला को एक बार भी बुखार आया है तो उसकी प्रसव तक मॉनीटरिंग की जाएगी। गर्भवती महिला की गर्भधारण से तीन महीने पहले तक की बुखार की हिस्ट्री ली जा रही है।
पहली तिमाही के बाद गर्भस्थ शिशु की सेकेंड लेवल अल्ट्रासाउंड से निगरानी होगी। गर्भवती महिलाओं की निगरानी के संबंध में मेडिकल कालेज ने छह महीने का प्लान तैयार कर लिया है। अल्ट्रासाउंड के साथ अन्य जांचें भी की जाएंगी। कालेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि संक्रमित से आने वाली हर गर्भवती महिला की जीका जांच की जाएगी।
चौकसी दूसरे क्षेत्र से आने वाली महिलाओं को लेकर भी बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि अगर जीका समाप्त भी हो जाता है तो भी अगले छह महीने तक सतर्कता बरती जाएगी। एक्शन प्लान को लागू करने के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। इसके तहत मेडिकल स्टाफ को जीका के संबंध में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।