साल 2003 में कानूनी नोटिस दिया गया। इसके बाद इस्टेट अफसर ने 24 सितंबर 2013 को बंगला खाली करने का आदेश दिया। इस आदेश के खिलाफ राजीव ने जिला जज की अदालत में अपील दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसी क्रम में अब कार्रवाई हुई।
एनटीसी के प्रभारी विधि एवं संपत्ति रमाकांत यादव ने बताया कि राजीव के बेटे सिद्धार्थ ने 20 लाख का चेक दिया। इस मौके पर प्रभारी अधिकारी सतीश कुमार, विधिक सलाहकार एसएन सिंह, आलोक प्रताप सिंह, मिल प्रभारी अजीत सिंह मौजूद रहे।
सरकारी जमीन पर सालों से है कब्जा
फोकलैंड व विनबर्टन दोनों बंगलों पर राजीव चांदगोठिया सालों से कब्जा जमाए बैठे थे। कई बार कब्जा खाली करने को कहा गया, लेकिन किया नहीं। वर्ष 2003 में कानूनी नोटिस दी गई। इसके बाद इस्टेट ऑफिसर ने 24 सितंबर 2013 को राजीव को बंगला खाली करने के आदेश दे दिए। अवर न्यायालय के इस आदेश के खिलाफ राजीव ने जिला जज की अदालत में अपील दाखिल की।