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UP: अब सिर्फ कानपुर से होगा यूपीसीए का संचालन, अन्य शहरों के कार्यालय होंगे बंद, ये विवाद बने बदलाव की वजह

Sat, 16 Dec 2023 11:43 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

अब कानपुर के ग्रीनपार्क, कमला टॉवर और कमला क्लब स्थित कार्यालयों से यूपीसीए का संचालन होगा। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव अरविंद कुमार श्रीवास्तव को लिखे पत्र में सुशीला सिंहानिया ने कहा है कि सिर्फ कानपुर के तीनों कार्यालय चलते रहेंगे। 
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सुशीला सिंघानिया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीते कुछ समय से खिलाड़ियों के चयन में सौदेबाजी, पदाधिकारियों के बीच बातचीत के ऑडियो और चैट वायरल होने से खराब हुई उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) की छवि को सुधारने के लिए एसोसिएशन की संरक्षक सुशीला सिंहानिया ने लखनऊ, दिल्ली, मेरठ व झांसी के यूपीसीए कार्यालयों को बंद करने के लिए पत्र जारी कर दिया है। 
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पत्र में लिखा गया है कि अब कानपुर के ग्रीनपार्क, कमला टॉवर और कमला क्लब स्थित कार्यालयों से यूपीसीए का संचालन होगा। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव अरविंद कुमार श्रीवास्तव को लिखे पत्र में सुशीला सिंहानिया ने कहा है कि सिर्फ कानपुर के तीनों कार्यालय चलते रहेंगे। 

बाकी जगहों पर इनका कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा है कि सभी खिलाड़ियों व महिलाओं का सम्मान, चयन में पारदर्शिता व खेल के लिए स्वस्थ माहौल प्रदान करना हमारी जिम्मेदारी है। 
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उन्होंने पत्र में यूपीसीए के पदाधिकारियों राजीव शुक्ला, युद्धवीर सिंह, राजीव शुक्ला के निजी सचिव मो. अकरम, अंकित चटर्जी सहित एसोसिएशन के सभी निदेशकों व कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए लिखा है कि जेके घराने के पारिवारिक सदस्य व यूपीसीए के अध्यक्ष डॉ. निधिपति सिंघानिया के परम विश्वासी उत्तम प्रसाद केसरवानी को लेकर टिप्पणियां करना ठीक नहीं है।
 

सुशील सिंघानिया ने पत्र में जेके सीमेंट के एमडी डॉ. राघवपत सिंघानिया को कमला टॉवर स्थित यूपीसीए के हेड ऑफिस को संचालन का जिम्मा देने की बात भी कही है। साथ ही एसोसिएशन से जुड़ी जरूरी नियुक्तियों के लिए भी अधिकृत किया है। 

 

उन्होंने कहा है कि यूपीसीए के सभी अधिकारी, सदस्य, मैनेजर, खिलाड़ी, कोच, अंपायर उनसे या फिर अध्यक्ष डॉ. राघवपत सिंघानिया से मुलाकात कर अपनी बात बता सकते हैं। ऐसा पूर्व में स्व. सर पदमपत सिंहानिया, स्व. डॉ. गौरहरि सिंघानिया एवं स्व. यदुपति सिंहानिया द्वारा किया जाता रहा है।

ये विवाद बने व्यवस्था में बदलाव की वजह
- यूपीसीए के पूर्व सचिव के पीए और उन्नाव के रहने वाले एक पूर्व क्रिकेटर की व्हाट्सअप चैट का सोशल मीडिया पर वायरल होना, जिसमें चयन के लिए दिए गए पैसे के कमीशन के लेनदेन की बात कही गई थी। खिलाड़ियों के चयन में पैसे लेने की जांच यूपीसीए उपाध्यक्ष गोपाल शर्मा को सौंपी गई है।

- यूपीसीए सीनियर महिला कमेटी की जीएम और पूर्व टेस्ट खिलाड़ी रीता डे के पांच ऑडियो का वायरल होना, जिनमें पूर्व खिलाड़ी अर्चना मिश्रा पर कई आरोप लगाए गए हैं। इन ऑडियो की जांच के लिए अध्यक्ष डॉ. निधिपति सिंहानिया ने अपने प्रतिनिधि के रूप में उत्तम प्रसाद केसरवानी को नियुक्त किया है।

-प्रतिनिधि की नियुक्ति के बाद यूपीसीए के ही कुछ लोगों की ओर से यह दावा किया जाना कि एसोसिएशन के नियमों के तहत प्रतिनिधि को नियुक्त नहीं किया जा सकता है।
 
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मीडिया प्रभारी ने पत्र को झुठलाया, अध्यक्ष बोले-सही
यूपीसीए की संरक्षक सुशीला सिंहानिया की ओर से जारी किए गए पत्र पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यूपीसीए के मीडिया प्रभारी मो. फहीम ने कहा है कि ऐसा कोई भी पत्र जारी नहीं किया गया है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में उनकी बात यूपीसीए की संरक्षक से हुई है। मीडिया प्रभारी ने यह भी कहा कि न तो यूपीसीए की संरक्षक और न यूपीसीए अध्यक्ष ने किसी को अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया है। दूसरी तरफ संरक्षक की ओर से जारी पत्र के विषय में यूपीसीए के अध्यक्ष डॉ. निधिपति सिंघानियां ने ईमेल जारी कर पत्र को सही बताया है।
 
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