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कानपुर: शत्रु संपत्ति पर काबिज 30 लोगों को नोटिस, खाली होगी बाबा बिरयानी की बेकनगंज वाली दुकान

Tue, 10 May 2022 09:31 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

शत्रु संपत्तियों पर सालों से काबिज लोगों को हटाने के अभियान के तहत मुख्तार अहमद बाबा समेत शत्रु संपत्तियों पर काबिज लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। वहीं, कब्जाधारकों के जवाब न देने पर संपत्तियां शत्रु संपत्ति अभिरक्षक के अधीन चली जाएगी। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर जिले की शत्रु संपत्तियों पर सालों से काबिज लोगों को हटाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कवायद शुरू कर दी है। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद जिला प्रशासन के शत्रु संपत्ति अनुभाग ने शत्रु संपत्तियों को खाली कराने के लिए नोटिस थमाना शुरू कर दिया है। 

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इसी क्रम में बेकनगंज, चमनगंज और कंघी मोहाल में चिह्नित की गई तीन नई शत्रु संपत्तियों को खाली करने के लिए कब्जाधारकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। निर्धारित अवधि में जवाब न देने पर सभी संपत्तियां केंद्र के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय के अधीन चली जाएंगी।अभिरक्षक ने जिन शत्रु संपत्तियों को चिह्नित किया है। उनमें काबिज लोगों में बाबा बिरयानी के संचालक मुख्तार अहमद बाबा के अलावा 29 अन्य लोग हैं। 
बकौल शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय, मुख्तार अहमद वर्तमान में पाकिस्तानी नागरिक आबिद रहमान, गुड्डी आपा, उमर फारुख आमना खातून की बेकनगंज के डॉ. बेरी चौराहा स्थित भवन संख्या 99/14ए राम जानकी मंदिर और चमनगंज के नाला रोड (दारुल मौला) स्थित भवन संख्या 88/21 पर काबिज हैं। 

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वहीं, कंघी मोहाल के भवन संख्या 99/187 में रह रहे शान मोहम्मद, राबिया बेगम, जफरूलदीन, मो. उमर, मलका महर निगार, साबिया, नौशाद आलम, मो सिराज, मो राशिद, इमरान खान, रेशमा, शरफुद्दीन ताजुद्दीन, नजर अब्बास, मो राशिद, रईस अहमद, नसीर, गुलजार अहमद, मो बसीर, एजाज अली, रुखसार फातिमा, शाह नवाब, सय्यद गजाला, शाहीन, अख्तर अली, आलम कुरैशी, शमशाद अहमद, मो. कलीम और मोइन रसूल को नोटिस जारी किया गया है। 
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दस्तावेजों के अनुसार यह मकान पाकिस्तान की नागरिक आमना खातून का है, जो 10 सितंबर 1965 से 26 सितंबर 1977 तक इसे इस्तेमाल कर रही थी। ऐसे में यह मकान शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आता है। अब नोटिस के बाद इन सभी के जवाब आने पर सुनवाई कर शत्रु संपत्ति घोषित करने पर केंद्र सरकार अंतिम फैसला लेगी।
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