दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने तीनों की अर्जियां खारिज करते हुए दोबारा वारंट और कुर्की आदेश जारी कर दिया। जेल में बंद आरोपी सुजय देसाई और राहुल कोठारी भी मंगलवार को कोर्ट में हाजिर हुए थे, जबकि बाकी आरोपियों की ओर से हाजिर माफी का प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था।
7800 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले के आरोपी मोहन स्टील प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों की अर्जियां खारिज करते हुए कंपनी मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश प्रमोद कुमार ने तीनों के खिलाफ दोबारा गैर जमानती वारंट और कुर्की का नोटिस जारी किया है।
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मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी। कंपनी के निदेशक मोहन कृष्ण केजरीवाल, गोपाल कृष्ण केजरीवाल व श्रीकृष्ण केजरीवाल की अग्रिम जमानत अर्जियां खारिज हो चुकी हैं। उनके खिलाफ पहले से गैर जमानती वारंट व सीआरपीसी की धारा 82 के तहत कुर्की का नोटिस जारी हो चुका था, लेकिन कोविड के कारण दोबारा आदेश जारी नहीं हो सका था।
इसी दौरान तीनों की ओर से कोर्ट में अर्जी दी गई थी, जिसमें कुर्की आदेश के खिलाफ एक याचिका और आरोपियों की अंतरिम जमानत के लिए अर्जी हाईकोर्ट में दाखिल किए जाने की बात कही गई थी। एसएफआईओ के स्थायी अधिवक्ता कौशल किशोर शर्मा ने तर्क रखा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद अब तक तीनों ने समर्पण नहीं किया है और न ही हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी आदेश पर रोक लगाई है।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने तीनों की अर्जियां खारिज करते हुए दोबारा वारंट और कुर्की आदेश जारी कर दिया। जेल में बंद आरोपी सुजय देसाई और राहुल कोठारी भी मंगलवार को कोर्ट में हाजिर हुए थे, जबकि बाकी आरोपियों की ओर से हाजिर माफी का प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था।