सांकेतिक तस्वीर््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््
- फोटो : सोशल मीडिया
उत्तर-मध्य रेलवे, रेल प्रशासन मिशन 100 फीसदी विद्युतिकरण की ओर तेजी से अग्रसर है। उत्तर-मध्य रेलवे के अधिकांश रेल खंड विद्युतिकृत हो चुके हैं। ऐसे में रेलवे कर्मियों और सपंत्तियों की सुरक्षा के मद्देनजर एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें लोगों से रेलवे ट्रैक के पास पतंगबाजी, विदेशी सामग्री फेंकने और पथराव जैसी गतिविधियों से बचने को कहा गया है। विद्युतीकृत खंड में रेलवे ट्रैक के पास इस प्रकार की गतिविधियां यात्री सुरक्षा के साथ-साथ रेल कर्मचारियों और संपत्तियों की सुरक्षा के लिए घातक हो सकती हैं।
रेलवे ट्रैक के पास पतंग न उड़ाएं
एडवाइजरी में कहा गया है कि रेलवे ट्रैक के पास वहां के निवासी पतंग उड़ाते हैं। ये पतंगें ट्रेन के ओएचई और पेंटोग्राफ से उलझ जाती हैं। यदि पतंग के धागे में धातु की कोई सामग्री हो इससे पतंग उड़ाने वाले व्यक्ति को करंट भी लग सकता है। साथ ही इसे ओएचई या पेंटोग्राफ से हटाते समय रेलवे कर्मचारियों को भी नुकसान हो सकता है। कभी-कभी यह ओएचई के टूटने और ट्रेन के रुकने का कारण भी बनता है।