बिकरू कांड में जेल में बंद जयकांत बाजपेई के गनर के पास आय से अधिक संपत्ति नहीं मिली। करीब एक साल तक जांच करने के बाद एंटी करप्शन कानपुर यूनिट ने रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी है। जिसमें किसी तरह की अवैध संपत्ति के साक्ष्य न होने का दावा किया गया है। यहां तक कि गनर की आर्थिक स्थिति बहुत ठीक नहीं मिली।
बिकरू कांड में जयकांत बाजपेई को भी पुलिस ने जेल भेजा था। उस पर आरोप है कि विकास दुबे को उसने दो लाख रुपये, असलहा व कारतूस मुहैया कराए थे। उस पर गैंगस्टर की भी कार्रवाई हो चुकी है। जय के जेल जाने के बाद एक अधिवक्ता ने शिकायत की थी कि जय के गनर रहे महेंद्र सिंह के पास आय से अधिक संपत्ति है।
शासन ने इस शिकायत का संज्ञान लेकर एंटी करप्शन यूनिट कानपुर को जांच सौंपी थी। सूत्रों के मुताबिक महेंद्र सिंह के बारे में पूरी जानकारी जुटाई गई। उसके बैंक खाते व संपत्तियों के बारे में भी ब्योरा जुटाया गया। जिसमें किसी भी तरह की अवैध संपत्ति नहीं मिली। इसलिए जांच पूरी कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। एक तरह से महेंद्र सिंह को क्लीन चिट दे दी गई है।
ईओडब्ल्यू की जांच कुछ और कह रही
मामले में ईओडब्ल्यू ने भी पहले जांच की थी। जिसमें दावा किया गया था कि महेंद्र कुमार के पास आय से अधिक संपत्ति है। इसी आधार पर ईओडब्ल्यू ने उसके खिलाफ खुली जांच की संस्तुति की थी। मगर एंटी करप्शन की जांच में कुछ ऐसा नहीं मिला।
सूत्रों के मुताबिक आशंका है कि एक दूसरा महेंद्र सिंह है। जो जय का करीबी है। वह दवा व्यापारी है। शायद आरोप उसके खिलाफ थे। ईओडब्ल्यू ने जानकारी उसी के खिलाफ जुटाई थी। मगर लिखापढ़ी में गनर महेंद्र सिंह का नाम सामने आया। हालांकि इस तथ्य पर आधिकारिक रूप से कोई बयान नहीं दे रहा है।