इंस्पेक्टर को बचाने का प्रयास
24 जनवरी 2022 को कर्नलगंज पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों पर असली पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। आरोपी वसीम अली को गिरफ्तार किया था। इस बीच सामने आया था कि पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया था लेकिन सिर्फ एक की गिरफ्तारी कर अन्य को छोड़ दिया था। तत्कालीन एसीपी कर्नलगंज ने तत्कालीन इंस्पेक्टर बलराम मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दी थी, जिसकी जांच एसीपी सीसामऊ को दी गई थी। तब से जांच अटकी पड़ी है। सूत्रों के मुताबिक इंस्पेक्टर को बचाने के लिए कुछ पुलिसकर्मियों के बयान बदलवाने का प्रयास किया जा रहा है।
क्राइम ब्रांच में दागी, नहीं की गई कार्रवाई
कमिश्नरी की क्राइम ब्रांच का विवादों से नाता रहा है। अब एक पुराना मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच में तैनात सिपाही बंधन कटियार ने अप्रैल माह में रायपुरवा थाना क्षेत्र में कथित गुडवर्क किया था। पहले आरोपी के पास से कोई बरामदगी नहीं थी। अचानक से सिपाही ने 48 मादक पदार्थ की पुड़िया बरामद दिखाई थी। इस पर रायपुरवा इंस्पेक्टर विनय शर्मा ने उससे सवाल जवाब किए थे। आरोप है तब उसने इंस्पेक्टर से अभद्रता की थी। प्रकरण की जांच एसीपी बाबूपुरवा ने की थी, जिसमें सिपाही दोषी पाया गया था। कार्रवाई के लिए फाइल ऊपर पहुंची तो आज तक दबी है। इसी तरह से बाबूपुरवा में शराब पीकर हादसा करने वाले दरोगा प्रदीप यादव दंडित किए जा चुके हैं। वह भी क्राइम ब्रांच में तैनात हैं।
जो भी पुरानी जांचें लंबित पड़ी हैं, उनकी समीक्षा की जाएगी। तय समय में जांच व दंड प्रक्रिया पूरी की जाएगी। - बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर