एसडीएम के आदेश पर हुआ सबकुछ
गांव वालों की मानें, तो एसडीएम के आदेश पर ही सब कुछ हो रहा था। पुलिस तो केवल प्रशासनिक अफसरों के आदेश का पालन कर रही थी। वीडियो से पता चल रहा है कि कब्जा हटाने के दौरान किसी भी पुलिसकर्मी ने कोई जबरदस्ती नहीं की।
बुलडोजर प्रशासनिक अफसरों की शह पर चला
इस वीडियो में एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद यह कहते दिखाई दे रहे है कि पहले धार्मिक चबूतरे में बुलडोजर चला दो। इससे एक बात है कि बुलडोजर प्रशासनिक अफसरों की शह पर चल रहा था। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी, तो केवल कानून व्यवस्था बनाए थे। यह वीडियो एसआईटी के सामने आया है, जिसे विवेचना में शामिल किया गया है।
एसआईटी ने विवेचना में शामिल किए 11 वीडियो
एसआईटी ने विवेचना के दौरान अब तक सामने आए घटना से जुड़े 11 वीडियो अपनी जांच में शामिल किए है। मड़ौली कांड में पुलिस की कार्यशैली को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब में यह वीडियो महत्वपूर्ण है। घटना के बाद मौके पर कराई गई फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी भी विवेचना कर रही एसआईटी को सौंप दी गई है।