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यूपी: होमगार्ड भर्ती परीक्षा में वसूली मामले में नया मोड़, जेल जाने की आई नौबत तो कोई खाया गश,किसी ने थामा दिल

Fri, 16 Oct 2026 10:54 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

होमगार्ड भर्ती परीक्षा में वसूली के आरोपी दोनों डॉक्टर और चालक उर्सला के आईसीयू में भर्ती। थाना पुलिस की भूमिका भी जांच के घेरे में आई। 
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वसूली मामले के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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होमगार्ड भर्ती के मेडिकल परीक्षण में वसूली के मामले में नया मोड़ आया। जेल जाने की नौबत आती देख आरोपी डॉक्टरों में कोई मेडिकल के दौरान गश खाकर गिर गया तो किसी ने अपना दिल थाम लिया। यह देख मौजूदा पुलिस कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन कोतवाली और पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल को मामले की जानकारी दी गई। फिर जिस अस्पताल में दोनों डॉक्टर मरीजों का इलाज करते थे उसी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती करा दिया गया। डॉक्टरों के आगे बेबस खड़ी कोतवाली पुलिस के सामने हाथ मलने के अलावा कोई रास्ता नहीं था।
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गुरुवार देर शाम पुलिस लाइन में होमगार्ड भर्ती में शामिल अभ्यर्थियों ने डॉ. प्रवीण, डॉ. महेश और उनके चालक अजीत पर फिटनेस प्रमाणपत्र देने के नाम पर तीन लाख रुपये वसूली का आरोप लगाकर न सिर्फ जमकर हंगामा किया था बल्कि चालक की पिटाई भी की थी। पुलिस तीनों को पकड़कर कोतवाली लाई। इसके बाद होमगार्ड इंस्पेक्टर सुधांशु की तहरीर पर तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। शुक्रवार को पूरे दिन तीनों कोतवाली के मुंशियाने में ही गुमसुम बैठे रहे।

दोपहर 3:30 बजे चार-पांच सिपाही तीनों को कोर्ट ले जाने से पहले उर्सला में मेडिकल के लिए लेकर पहुंचे तो डॉ. प्रवीण अपने दिल पर हाथ रखकर कुर्सी पर बैठ गए। इधर, डॉ. महेश भी फर्श पर बैठ गए और बताया कि सर्वाइकल के चलते उन्हें चक्कर आ रहे हैं। दोनों को रखते ही अजीत भी चिल्ला उठा कि पिटाई से उसके सिर गहरी चोटें आई हैं। वह भी पास में पड़े बेड पर लेट गया। अचानक ही तीनों की हालत बिगड़ गई और उन्हें वार्ड से आईसीयू में ले जाया गया।
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सूत्राें के अनुसार डॉक्टरों के अचानक भर्ती होने के पीछे कोतवाली के पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी संदेह है। आशंका जताई जा रही है कि किसी पुलिसकर्मी ने ही जेल जाने से बचने का रास्ता उन्हें दिखाया होगा। वहीं, पुलिस कमिश्नर भी नहीं बता पाए कि जेल जाने वाले डॉक्टर अचानक आईसीयू कैसे पहुंच गए। मामले में एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडे का कहना है तीनों आईसीयू में रहेंगे। पुलिस की मिलीभगत की बात पर जांच कराने की बात कही।

 

डॉ. प्रवीण पहले भी रहे हैं आरोपों के घेरे में
पुलिस लाइन रिश्वत प्रकरण में घिरे उर्सला अस्पताल के ईएनटी सर्जन डॉ. प्रवीन सक्सेना और डॉ. महेश द्विवेदी पर रुपये लेने का आरोप पहली बार नहीं लगा है। इससे पहले भी कई तीमारदार रुपये लेकर सर्जरी करने और इलाज में लापरवाही की शिकायतें कर चुके हैं। हालांकि, मामला अंदरूनी होने के चलते कभी कार्रवाई नहीं की गई।

 
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मेडिकोलीगल के नाम पर लिए 32 हजार रुपये
कर्मचारियों के अनुसार उर्सला में बुधवार को एक मामला मेडिकोलीगल से जुड़ा आया। इसमें डॉ. प्रवीण ने मेडिकोलीगल करने के 32 हजार रुपये ऑनलाइन ले लिए। जिसका मेडिकोलीगल होना था वो बिल्हौर विधायक राहुल बच्चा सोनकर का खास था। रुपये लेने की बात पता चलते ही राहुल बच्चा सोनकर खुद अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर को रुपये वापस करने की बात कही। इस पर डॉ. प्रवीण ने कहा कि उसने पैसे लिए ही नहीं। पैसे ऑनलाइन लिए गए थे। इसलिए सुबूत था जिसे लेकर आरोप है कि डॉक्टर प्रवीण की कुछ लोगों ने कलाई मरोड़ दी। इसके बाद डॉ. प्रवीण ने वो पैसे विधायक को वापस किए। हालांकि, मामले में विधायक राहुल बच्चा सोनकर ने इन्कार किया है।
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