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चाची का कत्ल: अगर कैब चालक पकड़ा जाता तो उसे भी मार डालते, खौफनाक था भतीजों का पूरा प्लान; बोरी में पैक शव...

Mon, 17 Jul 2023 09:43 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

कानपुर में भतीजों ने संपत्ति के विवाद में चाची की गला दबाकर हत्या की थी। इसके बाद नोएडा से बुककर लाई गई कैब से शव को ठिकाने लगाना चाहते थे। आरोपियों का प्लान कैब चालक को भी मारने का था। लेकिन कैब चालक भाग गया। 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर के महाराजपुर के महोली में संपत्ति विवाद में चाची की हत्या करने वाले भतीजे वारदात की रात कैब चालक की भी हत्या करने की तैयारी में थे, लेकिन वह मौके से भागने में सफल हो गया। इससे उसकी जान बच गई। चालक ने पुलिस को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद हत्यारोपियों के पूरे प्लान पर पानी फिर गया। रविवार को पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों को जेल भेज दिया।
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महोली निवासी बबलू उर्फ बीनू, उसके भाई आशु, बबलू के नोएडा निवासी साले सौरभ ने सोमवार की रात पास में रहने वाली चाची कुसुम (59) की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को बोरी में पैक करके नोएडा से बुक करके मंगाई गई कैब में रखकर ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। 

पुलिस के अनुसार, कैब चालक मोहित गांव के बाहर स्थित एक ढाबे में खाना खाकर सोया हुआ था। देर रात सौरभ ने उसे फोन करके गांव में बुलाया। जब चालक पहुंचा तो उसे बोरी से टपकता खून देखकर किसी अनहोनी की शंका हुई और वह तीनों को मौके पर छोड़कर कैब लेकर भाग निकला। पुलिस को पूरी कहानी बताई, जिसके बाद पूरी घटना का खुलासा हुआ था।
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हत्यारोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने कैब चालक को बरगलाने के लिए दो बारियां रखी थीं, एक में चावल भरा था। चालक को दोनों चावल से भरी बोरियां कैब में रखवाने को कहा, लेकिन वह शक होने पर भाग निकला। इस पर तीनों ने उसे दौड़ाया, लेकिन वह हाथ नहीं आया। 

हत्यारोपियों ने पुलिस को बताया कि चालक को शक हो गया था। यदि वह उनके हाथ लग जाता तो उसे भी मौके पर ही मारकर चाची के साथ उसका भी शव ठिकाने लगा देते। रविवार को पुलिस ने पत्रकार वार्ता करके पूरी घटना का खुलासा करने के बाद तीनों को जेल भेज दिया।

घात लगाकर घर के बाहर बैठे रहे, गला कसकर मार डाला
हत्यारोपियों ने पुलिस को बताया कि रात को तीनों लोग कुसुम के घर के पास घात लगाए बैठे रहे। देर रात कुसुम लघुशंका के लिए बाहर निकलीं, तभी तीनों ने मिलकर उन्हें दबोच लिया।

इसके बाद घर के आंगन में ले गए और यहां पड़े तख्त पर लिटाकर एक रस्सी से गला दबाकर मार डाला। पास में पड़ी प्लास्टिक की बोरी में शव को रखकर ऊपर से बांध दिया। कैब चालक के भाग जाने के बाद प्लेटिना बाइक पर बोरी लादकर फतेहपुर में नहर में बोरी ठिकाने लगा दी।
 

भतीजे हथियाना चाहते थे करोड़ों की संपत्ति
कुसुम की शादी 35 साल पहले रामचंद्र से हुई थी। तीन साल बाद उन्हें एक बेटा हुआ, जिसकी कुछ दिनों में मौत हो गई। शादी के 12 साल बाद अचानक रामचंद्र मानसिक रूप से विक्षिप्त हो गए। उनके आगे पीछे किसी के न होने पर रामचंद्र के बड़े भाई शिवबहादुर के दो बेटों बबलू और आशु के मन में चाचा के हिस्से की करोड़ों की संपत्ति को लेकर लालच पैदा हो गया।
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कुसुम करीब 20 साल पहले गुजरात में रहने वाले अपने भाई सूर्यभान के यहां चली गई थीं। बीती दिवाली को वह फिर से अपने पति की संपत्ति में हिस्सा मांगने के लिए गांव पहुंचीं तो भतीजों ने उनकी हत्या कर डाली।
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