उमेश ने रोज नौ घंटे पढ़ाई की। इनके 10वीं में 73.66 और 12वीं में 80 प्रतिशत अंक थे। उमेश ने बताया कि सफलता पर पिता ने स्टेशन पर सबको लड्डू बांटे हैं। उमेश प्रयागराज या गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई करना चाहते हैं।
मां का सपना पूरा करने में जुटे दीपराज
फतेहपुर निवासी दीपराज सिंह ने जनरल कैटेगरी में 13469वीं और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में 1914वीं रैंक पाई है। पिता भूपेंद्र सिंह बुक स्टॉल संचालक और मां किरन सिंह गृहिणी हैं। इन्होंने कानपुर के आरएसपुरम में रहकर कोचिंग की। उन्होंने बताया कि मां का सपना था कि मैं डॉक्टर बनूं, इसे मुझे पूरा करना है। दीपराज ने रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई की। यह फिजीशियन बनना चाहते हैं। इनके 10वीं में 92 और 12वीं में 87.4 प्रतिशत अंक थे।
हेड कांस्टेबल का बेटा बनेगा डॉक्टर
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद यूपीएससी पास करके कलक्टर बनना चाहता हूं। यह कहना है कल्याणपुर आवास विकास तीन निवासी शिवम नारायण सिंह का। शिवम ने 631 स्कोर के साथ जनरल कैटेगरी में 7925वीं और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में 1011वीं रैंक पाई है। पिता बृजेश सिंह पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल और मां कमलेश कुमारी गृहिणी हैं। इन्होंने केवी आईआईटी से 10वीं में 93 और 12वीं 84.6 प्रतिशत अंक पाए थे। चौथे प्रयास में इनको सफलता मिली है।