वजन में हल्की, मारक क्षमता अधिक
मैग्जीन वाली गन से 30 राउंड ही फायर किए जा सकते हैं। इसके अलावा यह हल्की (नौ किलो 10 ग्राम) भी है। मैगगन और एलएमजी के आधुनिक संस्करण बेल्ट फेल्ड में 200 से 250 राउंड की गोलियों की बेल्ट लगाई जाती है, जिसे और भी बढ़ाया जा सकता है।
नक्सल प्रभावित वाले राज्यों की दी जाएगी
इससे किसी भी अभियान के दौरान गोलियों के खत्म होने की समस्या नहीं होगी और बार-बार मैग्जीन नहीं बदलनी पड़ेगी। एडवांस वेपंस इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक राजीव शर्मा ने बताया कि नई मशीनगन को पहले चरण में नक्सल प्रभावित वाले राज्यों की पुलिस को दिया जा रहा है।
नई रिवॉल्वर प्रबल भी जल्द होगी लांच
सेना ने भी इसका ट्रायल शुरू कर दिया है। आयुध कंपनी की नई रिवॉल्वर प्रबल भी जल्द ही लांच की जाएगी। 50 मीटर तक मार करने वाली यह रिवॉल्वर साइड स्विंग सिलिंडर से खुलेगी। अभी तक इस तरह की रिवॉल्वर कंपनी में नहीं बनती थी। सुरक्षा कारणों से राज्यों के नाम और डिलीवरी के संबंध में जानकारी नहीं दी जा सकती है।
कहीं पर भी की जा सकती है इस्तेमाल
जानकारों ने बताया कि इस मशीनगन में गालियां दागने की रफ्तार बहुत अधिक है। सेना या पुलिस कहीं पर सर्च अभियान कर रही है और वहां पर भीड़ होने की संभावना है, तो इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। रेंज भी अच्छी है। ऐेसे में पहाड़ों, रेगिस्तान वाले बार्डर पर तैनात सेना के जवान आधुनिक हथियार के जरिये सीमाओं की सुरक्षा कर सकेंगे।