फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

42 साल से नहीं नहाया, लिंग काटकर बना ‘अघोरी बाबा’ और अब रहस्यमय मौत से सब हैरान

Fri, 18 Aug 2017 06:03 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
अघोरी की रहस्यमय मौत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
यूपी के कन्नौज में अघोरी बाबा की मौत का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। खंडहरनुमा मकान में नग्न अवस्था में अघोरी का शव मिला है। जानने वाले बताते हैं कि अघोरी मूल रूप से कानपुर बिठूर  का रहने वाला था। उसने 42 सालों से कभी स्नान नहीं किया और किशोरावस्था में ही लिंग काटकर साधुओं की टोली में शामिल हो गया था। पुलिस ने कमरे का ताला तुड़़वाकर शव बाहर निकलवाया।
विज्ञापन

 

खंडहर बन चुका पुराना मकान

डेमो पिक
गुरुवार को कन्नौज के ग्राम बहवलपुर निवासी रमाकांत श्रीवास्तव के घर के सामने उनका खंडहर बन चुका पुराना मकान है। इसकी दूसरी मंजिल पर अघोरी संतोष मुनि (52) रहते थे। गुरुवार को जब वह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकले तब लोगों ने कमरे में झांककर देखा, तो वह चारपाई पर औंधे मुंह नग्नावस्था में पड़े थे। सूचना पर पहुंचे बहवलपुर चौकी इंचार्ज हरिओम गुप्ता ने जीने का ताला तुड़वाया और अघोरी के शव को बाहर निकलवाया। सूचना पर अघोरी के रिश्तेदार ग्राम भोला नगरिया निवासी संजेश कुमार यादव भी पहुंच गए। 
 

बचपन में ही घर छोड़ दिया था

डेमो पिक
उन्होंने बताया कि अघोरी संतोष मुनि का वास्तविक नाम रमेशचंद्र यादव पुत्र नत्थू सिंह यादव है। वह जनपद कानपुर नगर के थाना बिठूर अंतर्गत ग्राम इटरा के रहने वाले थे। उनके तीन बड़े भाई अवधेश सिंह, शमशेर सिंह और महेश सिंह यादव हैं। बचपन में ही उन्होंने घर छोड़ दिया था। काफी दिनों तक वह ग्राम भोला नगरिया में भी रहे थे। इसके बाद वह तालग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम बिसमा चले गए। छह महीने से वह ग्राम बहवलपुर में रह रहे थे। सूचना मिलने पर अघोरी के पैतृक गांव इटरा से भी परिजन पहुंच गए और उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।   
 
विज्ञापन

शरीर पर पानी की एक बूंद भी नहीं डाली

डेमो पिक
अघोरी संतोष मुनि उर्फ रमेशचंद्र यादव को बचपन से ही वैराग्य हो गया था। परिजनों ने बताया कि किशोरावस्था में अपना लिंग काट दिया और साधुओं में शामिल हो गए थे। 42 साल से उन्होंने अपने शरीर पर पानी की एक बूंद नहीं डाली थी। कभी न नहाने की वजह से उनके शरीर से हमेशा बदबू आती थी। एक साल से उन्हें किडनी की बीमारी थी, जिसका वह इलाज करवा रहे थे। शायद इसी बीमारी से अघोरी की मौत हो गई।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें