सपा के पूर्व सांसद प्रदीप यादव की औरैया बवाल में गिरफ्तारी का विरोध अब सपाई-भाजपाई समर्थकों के बीच संग्राम का कारण बनता नजर आ रहा है। इसकी पहली झलकी शुक्रवार को सपा के गढ़ कहे जाने वाले 'इटावा' इलाके में ही देखने को मिल गई...
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फायरिंग के बाद मौके पर तैनात भारी पुलिस फोर्स
- फोटो : अमर उजाला
यहां नगर के भरथना इलाके में शुक्रवार को बंद का आवाहन किया गया था। इस बीच इटावा शहर में पथराव व फायरिंग भी हुई। दरअसल, इटावा के भरथना इलाके के व्यापार मंडल व शिक्षक यूनियन ने ये तय किया था कि वे सपा नेता व पूर्व सांसद प्रदीप यादव की गिरफ्तारी का विरोध बंद का आहवान कर करेंगे लेकिन इनमें एक धड़ा ऐसा भी था जो भाजपाईयों के पक्ष में खड़ा था। बस फिर क्या था हो गई यहीं से जंग की शुरूआत...
भरथना के बाजार में भाजपा समर्थन माइक लेकर दुकान खुलवाने पहुंचे
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा के पक्ष में खड़ा खेमा बंद की खिलाफत कर रहा था। बंद के दौरान सुबह हुए पथराव के बाद दोपहर तकरीबन 12 बजे तक पुलिस सपा समर्थक शिक्षकों व व्यापारियों को खदेड़ने लगी थी, तभी इलाके के दूसरे छोर पर भाजपा के पक्ष में खड़ा व्यापारी वर्ग बाजार पहुंच गया और दुकानें खुलवाने लगा। सपा समर्थकों को जब यह खबर मिली तो वे फौरन वहां पहुंच गए। इसके बाद जो हुआ पढ़े अगली स्लाइड में...
व्यापार मंडल के लोग पुलिस से बातचीत करते हुए
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इस बीच दोनों गुटों में पहले तू-तू मैं-मैं शुरू हुई फिर दोनों खेमों में नौंकझोंक चालू हो गई। तभी बीच में ही दोनों गुटों में से किसी ने फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि ठीक उसी वक्त पुलिस वहां पहुंच गई और भीड़ को तितर-बितर कर दिया। हालात तो ऐसे बन गए थे कि जान माल का नुकसान भी हो सकता था। पुलिस ने जैसे-तैसे भीड़ को शांत कराया और उन्हें वहां से हटाया।