लौटकर घर पहुंचा, तो चाचा के आत्महत्या की जानकारी हुई। भतीजे ने बताया कि मृतक चाचा के विरुद्ध कानपुर के बिधनू थाने में हत्या और पनकी थाने में अपहरण का केस दर्ज है। कोतवाली देहात में भी जानलेवा हमला, आर्म्स एक्ट का मुकदमें हैं। कोतवाली देहात इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने बताया कि फिलहाल परिजन आत्महत्या की वजह नहीं बता सके। मृतक अपराधी किस्म का था। आत्महत्या की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है।
सात साल पूर्व पत्नी ने भी मार ली थी गोली
फांसी लगाकर जान गंवाने वाले अपराधी किस्म के उदयभान सिंह की पत्नी ने भी सात साल पूर्व खुद को गोली मारकर आत्महत्या की थी। आकाश ने बताया कि चाचा की हरकतों से परेशान चाची (मृतक उदयभान की पत्नी) संजू सिंह ने 315 बोर तमंचा से खुद को गोली मार ली थी। मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक के एक पुत्री और दो पुत्र हैं। तीनों ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।
अपहरण मामले में दो माह पूर्व छूटकर आया था मृतक
मृतक उदयभान अपराधी किस्म का था। कानपुर के बिधनू थाने में हत्या का केस दर्ज है। भतीजे आकाश के मुताबिक वर्ष 2015 में चाचा उदयभान ने नरेंद्र यादव की हत्या कर दी थी। पेट्रोल डालकर उसे जला दिया था। इस केस में वह कई साल जेल में रहे। इसके बाद पनकी थाना में एक अपहरण के केस में फंसा दिए गए।
दो माह पूर्व जेल से छूटकर गांव आए थे। जेल से आने के बाद से तनावग्रस्त थे। भतीजे ने यह भी बताया कि अपहरण केस में वह (आकाश) भी आरोपी था। वह कुछ दिन पूर्व ही जेल से छूटा है।