मेयर के प्रत्याशी को लेकर भाजपा में उठा पटक चल रही है। पार्टी इस सीट पर अपनी जीत सुनिश्चित मानकर चल रही है। यही वजह है कि इसके दावेदारों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। पिछले महीने तक दावेदारों की संख्या 200 तक पहुंच गई थी, अब इसमें और भी बढ़ोतरी होने की बात सामने आ रही है।
कानपुर में स्नातक व शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा की ओर से ब्राह्मण व ठाकुर बिरादरी के प्रत्याशी बनाए जाने के बाद अब मेयर चुनाव में इससे अलग बिरादरी पर भी चर्चा शुरू हो गई है। एक दिन पहले ही सांसद, विधायकों की बैठक में मुख्यमंत्री ने अप्रैल-मई में निकाय चुनाव कराए जाने के संकेत दिए हैं।
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इसके बाद से ही पार्टी के अंदर हलचल शुरू हो गई है। मेयर के प्रत्याशी को लेकर भाजपा में उठा पटक चल रही है। पार्टी इस सीट पर अपनी जीत सुनिश्चित मानकर चल रही है। यही वजह है कि इसके दावेदारों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। पिछले महीने तक दावेदारों की संख्या 200 तक पहुंच गई थी, अब इसमें और भी बढ़ोतरी होने की बात सामने आ रही है।
जिन लोगों ने दिल्ली की दौड़ लगानी बंद कर दी थी, वे सभी दौड़ की तैयारी में हैं। पिछले 10 वर्षों से नगर आयुक्त की सीट पर भाजपा का कब्जा है। इस बार मेयर पद के लिए जिन लोगों ने अपनी दावेदारी कर रखी है, उसमें ब्राह्मण बिरादरी सबसे ज्यादा है। इसके बाद वैश्य, पंजाबी, अनुसूचित जाति व पिछड़ी जाति से भाजपाई शामिल हैं।