बता दें कि जलाली तहरीक-ए-लब्बैक संगठन का संस्थापक है। 1997 में आतंकवादी निरोधी कानून के तहत इस पर पाबंदी भी लगाई जा चुकी है। जलाली ने कहा कि सूफी खानकाह संगठन हिंदुओं की गोद में बैठने वाला संगठन है। यह मुसलमानों का दुश्मन है। एसीपी बाबूपुरवा आलोक कुमार सिंह ने बताया कि सभी मामलों की जांच की जा रही है। साइबर सेल व सर्विलांस टीम भी लगी है।
आईपी एड्रेस हैक कर कॉल करने की आशंका
कौसर मजीदी के पास पाकिस्तानी नंबर से भी धमकी भरी कॉल आई हैं। जूही थाने में एफआईआर भी दर्ज है। शुरुआती जांच में पता चला कि इंटरनेट कॉल आईपी एड्रेस हैक कर की गई। जिससे सही आईपी एड्रेस की जानकारी न मिल पाए। इसी वजह से कॉल ट्रेस नहीं हो पा रही है। हालांकि जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि धमकी पाकिस्तान से ही दी गई है। इसके अलावा सोशल मीडिया के जरिये भी कई धमकियां मिली हैं।