अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की
मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधु के लिए चाचा शिवपाल सिंह यादव यादव समेत पूरे परिवार ने एक होने का संदेश देकर लगभग 2.88 लाख वोटों से डिंपल यादव की जीत दर्ज कराई थी। 2024 के भी लोकसभा चुनाव में भी अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी ने बड़ी जीत हासिल करके सपा के 37 सांसद सदन तक पहुंचाने का काम किया। 2024 के चुनाव के बाद सदन में भले ही मुलायम सिंह नहीं थे, लेकिन पहली बार उनकी साइकिल पर सवार 37 सांसद लाल टोपी लगाकर मुलायम के नाम को अमर रखे हैं।
मुलायम परिवार के यह लोग हैं सक्रिय राजनीति में
सांसद- अखिलेश यादव (बेटा) , डिंपल यादव (पुत्रवुध), धर्मेंद्र यादव (भतीजा), आदित्य यादव (भतीजा), अक्षय यादव (भतीजा)
राज्यसभा सदस्य- प्रो. रामगोपाल यादव ( चचेरे भाई)
विधायक- शिवपाल सिंह यादव (भाई)
जिला पंचायत अध्यक्ष- अभिषेक यादव (भतीजा)
पूर्व सांसद- तेज प्रताप यादव (पौत्र)
ब्लॉक प्रमुख सैफई- मृदुला यादव (भतीजे की पत्नी)
पूर्व एमएलसी- अरविंद यादव (चचेरे भांजे)
पूर्व ब्लॉक प्रमुख- अजंट सिंह (बहनोई)
ब्लॉक प्रमुख- मीनाक्षी यादव (चचेरे भांजे की पत्नी)
अब अखिलेश की विरासत संभालेंगे तेज प्रताप
मुलायम सिंह यादव कुनबे के तीसरी पीढ़ी की एंट्री 2014 में मुलायम सिंह यादव ने स्वयं कराई थी। उन्होंने अपनी परमपरांगत मैनपुरी सीट छोड़कर पौत्र और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के दामाद तेज प्रताप यादव को लड़ाया था। 26 साल की उम्र में पहली बार वह मैनपुरी से सांसद बने थे। 2024 के लोस चुनाव में तेज प्रताप यादव को कन्नौज से लड़ाने का ऐलान किया गया था, लेकिन वहां के कार्यकर्ता अखिलेश यादव के लड़ने की मांग पर अड़े हुए थे। इस पर तेज प्रताप का नाम वापस लेकर खुद अखिलेश ने ही चुनाव लड़ा था। उन्होंने यहां से जीत दर्ज करने के बाद करहल विधानसभा सीट को छोड़ दिया था। तब से ही अखिलेश की विरासत तेज प्रताप के सभालने की चर्चाएं चल रही थीं।
लोस चुनाव में अदिति ने भी दिखाई थी सक्रियता
मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद उनकी तीसरी पीढ़ी एक और सदस्य राजनीति में सक्रिय नजर आने लगी हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव की बड़ी बेटी अदिति यादव ने अपनी मां डिंपल यादव और पिता अखिलेश यादव के लिए गांव-गांव घूमकर मैनपुरी और कन्नौज में चुनाव मांगे थे। नेता जी की पौत्री पूरे चुनाव में आकर्षण का केंद्र रही थीं।