चलने फिरने की ताकत नहीं रहती। फोन पर ज्यादा बात नहीं कर सकता, एक बार आकर मिल लो। यह सब बातें अंतिम तीन-चार दिनों की बताई जा रहीं हैं। वहीं, उमर अंसारी ने कहा कि कल दोपहर तीन बजे पिता ने फोन पर कहा था कि दो कदम भी नहीं चल पा रहा हूं। मेरी मौत जाएगी, जो हक्कीकत है...वह पूरा देश देख रहा है।
उमर बोला- मुझे प्रशासन पर नहीं, न्यायपालिका पर पूरा भरोसा
आज इलाज के नाम पर प्रशासन ने ड्रामा ही किया है। दो दिन पहले भी इलाज के नाम पर खानापूरी कर पिता को जेल की तन्हाई में डाल दिया गया था। जहर देने का आरोप हमारी ओर से नहीं बल्कि पिता की ओर से ही लगाया गया था, जो अब इस दुनिया में नहीं रहे। मुझे प्रशासन पर नहीं, न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।