सांसद जय प्रकाश ने सांसद बनने के बाद पहली बार अहिरोरी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि लगभग 35 साल के सार्वजनिक जीवन में कभी विश्वासघात और भीतरघात की राजनीति नहीं की। वोटों के कुछ ठेकेदारों ने उन्हें जनता से अलग रखा। इसकी वजह से उनके पुराने साथी उदासीन हो गए।
सांसद बनने के बाद पहली बार अहिरोरी पहुंचे सांसद जय प्रकाश ने अभिनंदन समारोह और सदस्यता संवाद में तीखे तेवर दिखाए। किसी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि विनम्रता को कमजोरी नहीं समझना चाहिए। विनम्र को छेड़ा गया तो वह छोड़ता नहीं है। उन्होंने कहा कि क्रिया की प्रतिक्रिया होती है। तुम 20 हजार वोट का नुकसान करोगे तो हम 60 हजार वोटों का नुकसान करेंगे।
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भाजपा की जिला कार्य समिति के सदस्य संतोष सिंह की ओर से रविवार को आयोजित अभिनंदन समारोह में सदर सांसद जय प्रकाश ने कहा कि लगभग 35 साल के सार्वजनिक जीवन में कभी विश्वासघात और भीतरघात की राजनीति नहीं की। उन्होंने कहा कि वोटों के कुछ ठेकेदारों ने उन्हें जनता से अलग रखा। इसकी वजह से हमारे पुराने साथी उदासीन हो गए।
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जय प्रकाश ने कहा कि मैंने चार जिलों की राजनीति की है, लेकिन कूपमंडूक की तरह कुएं में ही रहने वाले लोग बाहर निकलकर देखें तो पता चलेगा हकीकत क्या है। कहा कि एक बड़े नेता ने कहा था कि अगर मैं पासी समाज से होता तो सात बार का सांसद होता, लेकिन उन्हें यह सोचना चाहिए कि उत्तर प्रदेश से सात बार के सांसद कितने हैं। अपनी राजनीतिक पृष्ठ भूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि पिता सामान्य सीट से सांसद रहे और पत्नी सामान्य सीट पर उन्नाव में दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हमारा पांच साल कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन हम चाहें तो बहुत नुकसान कर सकते हैं। अभिनंदन समारोह में सांसद के बयान की जिले भर में चर्चा है। अभिनंदन समारोह में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्र, रामकिशोर गुप्ता गुड्डू, श्रीकृष्ण शास्त्री, राम बहादुर सिंह भी मौजूद रहे। संतोष सिंह ने आभार जताया।