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UP: दूसरों के घरों में बर्तन मांजती मां, बेटी ने पदकों से भरी झोली, खिलाड़ी के साथ शिक्षिका व रेफरी भी हैं पलक

Sun, 24 Dec 2023 10:45 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पलक वर्तमान में कराटे के साथ-साथ नानचाकू भी सीख रही हैं। वहीं, मां को आर्थिक सहयोग देने के लिए कोच के कहने पर पलक कई स्थानों में कोचिंग भी दे रहीं है। अपनी मेहनत के दम पर पलक ने पिछले साल के अंत में रेफरी की परीक्षा पास भी की।
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पलक दिवाकर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सफलता सुविधाओं के बजाय अवसर की तलाश में होती है। कुछ यही साबित किया है केशवनगर की पलक दिवाकर ने। अपने संघर्ष और मेहनत की बदौलत मुफलिसी में उन्होंने कराटे का प्रशिक्षण लेकर राष्ट्रीय प्रतियोगिता जीती। पलक की मां ने उनके प्रशिक्षण की फीस लोगों के घरों में बर्तन साफकर कमाई। 

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पिछले महीने कानपुर में हुई प्रथम नेशनल कराटे चैंपियनशिप में पलक ने स्वर्ण पदक जीतकर मां की मेहनत को सफल बना दिया है। केशवनगर निवासी पलक दिवाकर के पिता छोटे दिवाकर मिस्त्री हैं, तो मां सीमा दूसरों के घरों में बर्तन मांजने से लेकर अन्य कार्य करके घर चलाती हैं।

पलक ने पांच साल पहले स्कूल से आते समय कराटे एकेडमी का बोर्ड देखा तो इसे सीखने की धुन लग गई। इसकी जानकारी मां सीमा को दी तो पहले वह घर खर्च व तीन बच्चों की पालन पोषण को लेकर चिंतित हुईं। बाद में बेटी के हौसले को देखकर उसे कराटे सीखने के लिए हामी भरी। इसके बाद पलक ने इंटर स्कूल कराटे चैंपियनशिप, इंटरनेशनल नानचाकू चैंपियनशिप, ऑल इंडिया ओपेन कराटे चैंपियनशिप व राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में पदक जीते।

पिता के साथ हुए हादसे ने बढ़ाई परेशानी तो कोच ने दिया निशुल्क प्रशिक्षण
पलक बताती हैं कि वर्ष 2022 में काम करते समय पिता तीसरी मंजिल से गिर गए थे। इससे एक पांव टूटने के साथ अन्य जगहों पर चोटें आईं थीं। ऐसे में उनके इलाज के लिए कुछ दिनों तक कराटे क्लास को बंद करना पड़ा। इसकी जानकारी तब कराटे कोच बाबुल वर्मा को हुई तो उन्होंने बिना पैसों के प्रशिक्षण दिया। इसके साथ ही प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए भी मदद दी।

खिलाड़ी के साथ-साथ शिक्षिका व रेफरी भी
पलक वर्तमान में कराटे के साथ-साथ नानचाकू भी सीख रही हैं। वहीं, मां को आर्थिक सहयोग देने के लिए कोच के कहने पर पलक कई स्थानों में कोचिंग भी दे रहीं है। अपनी मेहनत के दम पर पलक ने पिछले साल के अंत में रेफरी की परीक्षा पास भी की। तब से अभी तक कई प्रतियोगिताओं में रेफरी की भूमिका भी निभा चुकी हैं। पलक को देखकर छोटा भाई विवेक भी कराटे सीख रहा है। पलक की बड़ी बहन पायल जॉब करती हैं।
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इन प्रतियोगिताओं में जीते हैं पदक
  • सितंबर 2021 में लखनऊ में हुई इंटरनेशनल स्पोर्ट्स व कराटे फेडरेशन इंडिया की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक के साथ प्रथम डॉन ब्लैक बेल्ट जीती।
  • मार्च 2022 में लखनऊ में हुई ऑल इंडिया ओपेन कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
  • अगस्त 2023 में ऑनलाइन हुई इंटरनेशनल नानचाकू चैंपियनशिप में रजत पदक जीता।
  • मार्च 2023 में कानपुर में हुई तृतीय इंटर स्कूल स्टेट कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
  • नवंबर 2023 में कानपुर में हुई प्रथम राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
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