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झकझोर देगी ये घटना: अवैध संबंधों में बाधा बने तीन बच्चों को डुबोकर मां ने मार डाला, एक बचा

Thu, 27 Jun 2024 01:29 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया

सार

Auraiya News: फफूंद थाना क्षेत्र में देवर से झगड़े के बाद कलयुगी मां ने तीन बेटों को नहर में डुबो दिया। जिसमें तीनों की मौत हो गई। पुलिस ने हत्यारोपी मां को गिरफ्तार कर लिया है।
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और ग्रामीण - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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औरैया जिले में सदर कोतवाली क्षेत्र के ताल्हेपुर गांव समीप सेंगुर नदी पुल के केशमपुर घाट पर गुरुवार तड़के एक महिला अपने चार मासूम बच्चों को लेकर पहुंची। इस दौरान महिला ने बच्चों को कुछ खाने को दिया। इसके बाद महिला ने बेसुध हुए बच्चों को नदी के पानी में डुबो-डुबोकर मारना शुरू कर दिया। इस दौरान तीन बच्चों की मौत हो गई। वहीं पानी में बहकर दूर नदी किनारे पहुंचा चौथा बच्चा होश आने पर पानी से निकलकर भागा।

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जहां बच्चे ने पुल के पास से गुजर रहे राहगीरों को घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से बच्चों की तलाश शुरू की। इसमें दो बच्चों के शव थोड़ी ही दूर मिल गए जबकि चौथे बच्चे की तलाश में गोताखोरों के साथ सीओ व कई दरोगा पानी में खोजने घुस गए। जिस पर लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद तीसरे बच्चे का भी शव भी बरामद हो गया। इस दौरान ग्रामीणों व पुलिस के बीच तल्खी भी हुई। पूरे मामले में पुलिस ने जांच शुरू की है। घटना के बाद फरार महिला को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। घटना के पीछे देवर से विवाद होना बताया जा रहा है।

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थाना क्षेत्र के गांव बरौआ निवासी भूरे सविता की पुत्री प्रियंका (30) की शादी 10 वर्ष पहले इटावा के बसरेहर थाना क्षेत्र के गांव लुहिया निवासी अवनीश के साथ हुई थी। इससे चार बेटे सोनू (8), माधव (6), आदित्य (5) और मंगल (2) हुए। दो वर्ष पहले पति अवनीश की करंट लगने से मौत हो गई थी। इसके बाद वह ससुराल में डेढ़ साल रुककर छह माह पहले अपने मायके बरौआ चली आई।

अपने चार बेटों के साथ पिता के यहां रह रहीं थीं। यहां पर परिजनों से कहासुनी होने के बाद दो माह पूर्व वह बच्चों को लेकर औरैया में रहने चली गई। जहां गांव लुहिया निवासी चचेरा देवर आशीष भी साथ रहने लगा। बुधवार को देवर से उसकी कहासुनी हो गई। इससे क्षुब्ध होकर गुरुवार की भोर प्रियंका अपने चारों बच्चों को ननिहाल चलने की बात कहकर घर से लेकर निकली।
 

इस दौरान प्रियंका ऑटो से उन्हें लेकर देवरपुर पहुंची और वहां से उन्हें केशमपुर गांव के पास स्थित सेंगर नदी पुल पर ले गई। जहां उसने घाट पर चारों बच्चों को पहले कुछ खाने को दिया। बच्चाें में बेहोशी आते देख प्रियंका ने चारों बच्चों को पानी में डुबाना शुरू कर दिया। चारों बच्चों को पानी में डूबा समझ प्रियंका बरौआ गांव की ओर भाग निकली। इस दौरान पानी में डूबने से आदित्य, माधव और मंगल की मौके पर ही डूबकर मौत हो गई जबकि सबसे बड़ा बेटा सोनू किसी तरह मौके से बच गया।

 

उसने पास के गांव केशमपुर पहुंचकर ग्रामीणों को जानकारी दी। इस पर गांव के लोग नदी की ओर दौड़ पड़े। बच्चों को ढूंढने में जुट गए। काफी देर बाद ग्रामीणों को पानी में डूबे आदित्य और माधव के शव तो मिल गए, लेकिन मंगल का शव नहीं मिला। जानकारी पर पुलिस भी पहुंच गई और मंगल के शव की तलाश की। एक घंटे के बाद उसका शव भी मिल गया। घटना स्थल पर बच्चों के शव देख दादी राधा, चाचा दीपू, बुआ ज्योति व आरती और नाना भूरे सविता के आंसू नहीं रुक रहे थे।

 
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बच्चों को याद कर रो-रोकर बेहाल हो उठे। बच्चों को मारकर गांव में जाकर छुपी हत्यारी मां प्रियंका को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। बच्चों के शव की खोजबीन के दौरान पुलिस व ग्रामीणों के बीच नोकझोंक भी हुई। उधर, सूचना पर एसपी चारू निगम व एएसपी दिगंबर कुशवाहा भी पहुंचे। तीनों शवों को चिचौली पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

वहीं महिला को हिरासत में लेकर सदर कोतवाली ले जाया गया। एसपी चारू निगम ने बताया कि मृतक बच्चों के मुंह से झाग आ रहा था। संभवता कुछ खिलाने के बाद डुबोया गया है। तीनों बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। महिला हिरासत में है। इससे घटना के बारे में पूछताछ करते हुए कारित करने की वजह जानी जा रही है। जल्द खुलासा किया जाएगा।
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