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मां ने चार वर्ष की मासूम को कूड़े के ढेर में जिंदा दबाया, बच्ची को एनआरसी में कराया गया भर्ती

Thu, 01 Jul 2021 10:56 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई

सार

कुछ ग्रामीणों ने कूड़े के ढेर में चार वर्षीय बच्ची को दबा देखा। बच्ची का सिर दिख रहा था और बाकी शरीर कूड़े के ढेर में दबा हुआ था।
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कूड़े का ढेर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरदोई के लोनार कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सकरौली निवासी महिला ने पड़ोसी गांव मुगलापुर में अपनी चार वर्ष की मासूम बेटी को कूड़े के ढेर में दबा दिया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची हेल्पलाइन की टीम ने मासूम को कूड़े के ढेर से निकाला और प्राथमिक उपचार कराने के बाद जिला पोषण एवं पुनर्वास केंद्र में भर्ती करा दिया है।
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महिला की भी काउंसलिंग की जा रही है। ग्राम मुगलापुर में बुधवार को कुछ ग्रामीणों ने कूड़े के ढेर में चार वर्षीय बच्ची को दबा देखा। बच्ची का सिर दिख रहा था और बाकी शरीर कूड़े के ढेर में दबा हुआ था। इसकी सूचना 1098 पर दी गई, तो चाइल्ड लाइन प्रभारी अनूप तिवारी सहयोगी विभा शुक्ला के साथ मौके पर पहुंच गए।  

 
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उन्होंने बच्ची को वहां से निकाला और फिर मामले की पड़ताल शुरू की। इसी दौरान पता चला कि पड़ोसी गांव सकरौली की एक महिला दो बेटियों के साथ पिछले कुछ दिनों से गांव में घूम रही थी और यह बच्ची उसी की है। ग्रामीणों की मदद से चाइल्ड लाइन की टीम ने महिला को खोज निकाला। पूछताछ में महिला ने अपना नाम राज कुमारी बताया।

उसने बताया कि वह बिहार की रहने वाली है। कई वर्ष पहले उसकी शादी सकरौली के भगवान दीन से हुई थी। दो वर्ष पहले भगवान दीन की मौत हो गई, तब से वह बेसहारा है। हालांकि गांव में उसका मकान होने की बात भी सामने आई। चाइल्ड लाइन प्रभारी अनूप तिवारी के मुताबिक  महिला से बच्ची को दफनाने का कारण पूछा तो उसका कहना था कि बच्ची कुपोषित है।

बच्ची की वजह से कोई भी उसे अपने साथ रखने को तैयार नहीं है। मानसिक अवसाद के चलते उसने बच्ची को कूड़े के ढेर में दफना दिया। प्रभारी अनूप तिवारी ने बताया कि बच्ची कुपोषित है और उसे जिला पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती करा दिया गया है। राज कुमारी की काउंसलिंग की जा रही है। बाद में दोनों का गांव में ही पुनर्वास कराया जाएगा।
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