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मां-बेटे की मौत का मामला: नो एंट्री में हादसे की जांच शुरू, दोषी पुलिस कर्मियों पर होगी कार्रवाई

Mon, 19 Jul 2021 12:43 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

अमर उजाला ने खुलासा किया था कि ट्रक का पास सिर्फ पांच बजे शाम तक ही मान्य था। हादसा शाम 5:15 बजे हुआ था। यानी नो एंट्री का पास का समय खत्म हो चुका था।
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यूपी पुलिस - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर में नरौना चौराहे पर हुए सड़क हादसे के मामले में डीसीपी ट्रैफिक ने जांच के आदेश दिए हैं। एडीसीपी ट्रैफिक की निगरानी में ट्रैफिक इंस्पेक्टर पूर्वी मामले की जांच कर रहे हैं। जांच की जद में ट्रैफिक के पांच पुलिसकर्मी आए हैं।
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जांच में दोषी पाए जाने के बाद इन सभी पर कार्रवाई हो सकती है। नरौना चौराहे पर 14 जुलाई की शाम को माल गोदाम के एक ट्रक ने कैंट बोर्ड की शिक्षिका ऊषा देवी और उनके बेटे सौरभ को कुचल दिया था। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

तब पुलिस ने दावा किया था ट्रक के पास नो एंट्री का पास था। इस तरह से ट्रक चालक को क्लीन चिट दे दी गई थी। अमर उजाला ने खुलासा किया था कि ट्रक का पास सिर्फ पांच बजे शाम तक ही मान्य था। हादसा शाम 5:15 बजे हुआ था।
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यानी नो एंट्री का पास का समय खत्म हो चुका था। ट्रक अवैध रूप से नो एंट्री में था जिसको पुलिसकर्मियों ने बेरोकटोक जाने दिया था। खबर का संज्ञान लेकर डीसीपी ट्रैफिक बीबीजीटीएस मूर्ति ने जांच के आदेश दिए हैं।
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एडीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि एक दो दिन के भीतर जांच पूरी हो जाएगी। हादसे के पीछे वहां तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही रही है या नहीं तफ्तीश में इसके तथ्य जुटाए जा रहे हैं। उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

इसलिए जांच में आ रही दिक्कत 
पुलिस को अभी तक हादसे का फुटेज नहीं मिल सका है। जबकि नरौना चौराहे पर आईटीएमएस व स्मार्ट सिटी के तहत लगाए गए कैमरे हैं मगर हादसे के वक्त कैमरे नहीं चल रहे थे। पुलिस अफसरों का कहना है कि मेट्रो निर्माण के दौरान की गई खुदाई से लाइन कट गई थी। इसलिए कैमरे बंद हो गए थे। अन्य कोई फुटेज नहीं मिल पा रहा है। इसी वजह से जांच में देरी हो रही है।
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