कानपुर में नरौना चौराहे पर हुए सड़क हादसे के मामले में डीसीपी ट्रैफिक ने जांच के आदेश दिए हैं। एडीसीपी ट्रैफिक की निगरानी में ट्रैफिक इंस्पेक्टर पूर्वी मामले की जांच कर रहे हैं। जांच की जद में ट्रैफिक के पांच पुलिसकर्मी आए हैं।
जांच में दोषी पाए जाने के बाद इन सभी पर कार्रवाई हो सकती है। नरौना चौराहे पर 14 जुलाई की शाम को माल गोदाम के एक ट्रक ने कैंट बोर्ड की शिक्षिका ऊषा देवी और उनके बेटे सौरभ को कुचल दिया था। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
तब पुलिस ने दावा किया था ट्रक के पास नो एंट्री का पास था। इस तरह से ट्रक चालक को क्लीन चिट दे दी गई थी। अमर उजाला ने खुलासा किया था कि ट्रक का पास सिर्फ पांच बजे शाम तक ही मान्य था। हादसा शाम 5:15 बजे हुआ था।
यानी नो एंट्री का पास का समय खत्म हो चुका था। ट्रक अवैध रूप से नो एंट्री में था जिसको पुलिसकर्मियों ने बेरोकटोक जाने दिया था। खबर का संज्ञान लेकर डीसीपी ट्रैफिक बीबीजीटीएस मूर्ति ने जांच के आदेश दिए हैं।