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भाजपा प्रदेश प्रवक्ता से साधु की तू-तू मैं-मैं, कहे ऐसे-ऐसे शब्द कि सन्नाटा पसर गया

Thu, 11 Apr 2019 12:20 AM IST
प्रशांत कुमार यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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भाजपा प्रदेश प्रवक्ता से साधु की तू-तू मैं-मैं - फोटो : अमर उजाला
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महोबा जिले में सालों से गायों की सेवा कर रहे साधु ने अनदेखी से नाराज होकर बुधवार को भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता के सामने पार्टी कार्यालय में जमकर हंगामा काटा और योगी-मोदी के खिलाफ भी अपशब्दों का प्रयोग किया, जिससे थोड़ी देर के लिए सन्नाटा छा गया। बाद में भाजपा नेताओं ने उसकी मदद का आश्वासन देकर उसे चलता कर दिया। आधा घंटा तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
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थाना महोबकंठ के ग्राम चौका सौरा निवासी दयाशंकर कौशिक ने डेढ़ बीघा जमीन में छह साल पहले गोशाला खोली थी। जिसमें करीब 70 गायें थीं। ग्रामीणों के सहयोग से वह गायों की देखरेख और खानपान की व्यवस्था करता था। सरकार के आदेश के बाद जगह-जगह खोली गई अस्थायी गोशालाओं में जगह कम पड़ने पर क्षेत्र में घूम रहे आवारा पशुओं को उसकी गोशाला में भेज दिया गया, जिससे उसके यहां 250 गाय हो गई। शासन द्वारा गोशालाओं के लिए धनराशि भेजे जाने के बाद ग्रामीणों ने भी मदद के नाम पर हाथ खींच लिए। शासन से आई धनराशि गोशाला के लिए न मिलने से साधु नाराज हो गया।

 

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साधु ने हंगामा खड़ा कर दिया

बुधवार को भाजपा कार्यालय में पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस बीच भनक लगने पर साधु दयाशंकर कौशिक वहां जा धमका और पत्रकार वार्ता के दौरान ही गायों के लिए धनराशि न देने पर योगी-मोदी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया, जिससे प्रदेश प्रवक्ता से तू-तू मैं-मैं भी हुई। भाजपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह सेंगर का कहना है कि साधु की गोशाला की औपचारिकताएं पूर्ण न होने के कारण उसे सरकारी धनराशि नहीं दी गई। व्यावहारिक रूप में उसकी मदद करने का आश्वासन देकर उसे जाने दिया।
शासन द्वारा जारी किए गए शासनादेश के तहत अस्थायी गोशालाओं को पैसा दिया जाना था। गांव-गांव में खोली गई अस्थायी गोशालाओं को पैसा भेजा गया है। रजिस्टर्ड गोशालाओं को पैसा न दिए जाने का शासनादेश में स्पष्ट हवाला दिया गया। साधु की गोशाला अस्थायी न होने के कारण उसे पैसा नहीं दिया गया।
रजनीश शुक्ला, खंड विकास अधिकारी

 
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