नामांकन के बाद पत्रों की जांच में 10 प्रत्याशियों के पर्चे कई खामियां मिलने से खारिज कर दिए गए। इससे उन्नाव लोकसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में ताल ठोंकने की उम्मीद रखने वाले इन उम्मीदवारों को तगड़ा झटका लगा है। गुरुवार को भी पर्चों की जांच होगी। वहीं शुक्रवार को नाम वापसी होगी।
जनपद में 2 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई थी। 9 अप्रैल तक पर्चे दाखिल हुए थे। बुधवार को दाखिल हुए नामांकन पत्रों की जांच की गई। जांच में 10 प्रत्याशियों के पर्चे खारिज कर दिए गए।
जिला निर्वाचन अधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि निर्दल प्रत्याशी उमाशंकर दीक्षित, रामफेर भारती, भारतीय वंचित समाज पार्टी के राजेंद्र, लोकदल के सुरेंद्र कुमार शर्मा, भारत जनशक्ति पार्टी के सुरजीत, हिंदुस्थान निर्माण दल की नीलम देवी, बहुजन आवाम पार्टी के रमेश चंद्र, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के शिवप्रताप, भारतीय लोकसेवा दल के शिव कुमार व आजाद हिंद सरकार (श्री सम्राट सुभाष दुर्गा वाहिनी) के सुनील कुमार में कई के शपथपत्र पूर्ण नहीं थे।
चुनाव मैदान से बाहर होते बचे सपा प्रत्याशी
कुछ प्रत्याशियों के प्रस्तावकों में सभी के हस्ताक्षर नहीं मिले। इसी कारण इनके पर्चे खारिज कर दिए गए। पर्चे रिजेक्ट होने से यह सभी चुनावी रेस से बाहर हो गए। वहीं अब मैदान में भाजपा के साक्षी महाराज, कांग्रेस की अन्नू टंडन, बसपा-सपा गठबंधन के अरुणशंकर शुक्ला, प्रसपा के सतीश कुमार, जनहित किसान पार्टी के दीपक चौरसिया, भारत प्रभात पार्टी के छेदीलाल, आजाद भारत पार्टी के शैलेश कुशवाहा, नागरिक एकता पार्टी के उमर खान व अखंड राष्ट्रवादी पार्टी के सत्येंद्रनाथ गौड़ बचे हैं।
गुरुवार को भी पत्रों की जांच होगी। वहीं नाम वापसी का दिन शुक्रवार निर्धारित किया गया है। उसके बाद ही चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की तस्वीर साफ होगी। शुक्रवार दोपहर 3 बजे के बाद चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे।
सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार अरुणशंकर शुक्ला अन्ना महाराज द्वारा नामांकन के दौरान चार सेट दाखिल करना वरदान साबित हुआ। नामांकन पत्र दाखिल करते समय उन्होने चार सेट जमा किए थे। अधूरे शपथपत्र के कारण तीन पर्चे कैंसल कर दिए गए। हालांकि एक पर्चा सही पाया गया। जिस कारण वह चुनावी रेस से बाहर होते बचे।