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Kanpur: आज खींचा जाएगा 2024 के चुनाव की संरचना का खाका, संघ प्रमुख स्वयंसेवकों की टोलियों के साथ करेंगे बैठक

Tue, 11 Oct 2022 11:37 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

संघ प्रमुख ने जिस तरह से यूपी के सबसे बडे़े वोट बैंक माने जाने वाले अनुसूचित जातियों को संघ की विचारधारा से जोड़ने और वाल्मीकि समाज की बस्तियों व गांवों में शाखाएं लगाने की जो योजना तैयार की है, वह लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के लिए चक्रव्यूह का काम करेगी।
 
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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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अपने तीन दिन के प्रवास के बाद संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 11 अक्तूबर को संघ की विभिन्न इकाइयों से जुड़े पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की इस बैठक में किए जाने वाले मंथन से आगामी 2024 के लोकसभा चुनाव की संरचना का खाका खींचा जाएगा।
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कहा जा रहा है कि संघ प्रमुख ने जिस तरह से यूपी के सबसे बडे़े वोट बैंक माने जाने वाले अनुसूचित जातियों को संघ की विचारधारा से जोड़ने और वाल्मीकि समाज की बस्तियों व गांवों में शाखाएं लगाने की जो योजना तैयार की है, वह लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के लिए चक्रव्यूह का काम करेगी।

बैठक में सेवा प्रभाग, कुंटुंब प्रबोधन प्रभाग के अलावा संघ की अन्य इकाइयों से जुड़े लोगों से संघ के विस्तार को लेकर किए गए कार्यों का लेखा-जोखा लेंगे। साथ ही आगामी योजनाओं पर अपने विचार रखेंगे। अभी तक जो जानकारी सामने आई है, उसमें उत्तर प्रदेश के अलावा पूरे देश में पिछड़े और अनुसूचित जातियों को जोड़ने के लिए घर-घर संपर्क अभियान का दूसरा चरण चलाया जाएगा।
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इसी तरह शहरी क्षेत्र की सेवा बस्तियां जहां पर आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े लोग रहते हैं, उनका जीवन स्तर उठाने के लिए कार्य किया जाएगा। इस कार्य को जिम्मेदारी और गंभीरता से करने के लिए संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी इस पर निगाह भी रखेंगे। यह भी कहा जा रहा है कि ऐसे लोगों को जोड़ने के लिए जो भी अभियान, सेवा कार्य किया जाएगा, उसे राजनीति से पूरी तरह अलग रखा जाएगा। यह अलग बात है कि संघ के इस कार्य का सीधा लाभ भाजपा को मिलेगा। 

इन पर रहेगा जोर...
- शाखाओं की संख्या में वृद्धि
- गांव-गांव, घर-घर स्वयं सेवक तैयार करना
- युवाओं को जोड़ने पर ज्यादा जोर
- सभी समाजों के स्वयं सेवकों की टीम बनाना
- बस्तियों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवा कार्य करना
- प्रदूषण मुक्त पर्यावरण व नदियों का संरक्षण, पौधरोपण
- शिक्षा विस्तार, उत्तम स्वास्थ्य, परंपराओं का अनुकरण
- सभी समाजों वर्गों के लोगों को जोड़ना। 
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