उससे कहा था कि वह दस अक्तूबर को जब पेशी से आएगा तब फरार होगा। इसके लिए एक पिस्टल का इंतजाम कराओ। पेशी से ठीक दो दिन पहले पुलिस को इसकी जानकारी हो गई थी। जिसके बाद उसको कोर्ट नहीं लगाया गया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी कराई गई। एसीपी कोतवाली के नेतृत्व में गठित की गई टीम मामले की तफ्तीश कर रही है।
वकील के चैंबर में हुई थी मुलाकात
पेशी के दौरान जब विक्की आया था तब असलहा तस्कर के गुर्गे से एक वकील के चैंबर में मुलाकात की थी। वकील भी पुलिस की रडार पर है। पुलिस उससे पूछताछ कर सकती है। पुलिस उनकी भी तलाश कर रही है जिन लोगों ने उसको तीन साल पहले फरार कराया था। उसमें उसके दोस्त शामिल थे।
आखिर विक्की का मकसद क्या था
पिस्टल का मांगना कई सवाल खड़े करता है। फरार होने की साजिश से अधिक आशंका बढ़ जाती है कि वह किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। करीब दो साल पहले जेल में भी उसका एक बंदी से विवाद हुआ था। जब वह फरार हुआ था तब केस के एक गवाह से भी मारपीट की थी। ऐसे में सवाल उठता है कि इनमें से कोई उसके निशाने पर तो नहीं है। या फिर किसी की सुपारी ली है। जांच इन सभी बिंदु पर जारी है।
जेल में बढ़ाई गई निगरानी
जेल अधीक्षक बीडी पांडेय ने बताया कि इनपुट के आधार पर विक्की सोनी की निगरानी बढ़ा दी गई है। हर वक्त उस पर निगाह रखी जा रही है। वहां पर किन किन लोगों के संपर्क है, यह पता कर उनसे जानकारी जुटाई जा रही है।
अहम इनपुट मिला था, जिसके आधार पर पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से कराई गई है। बेहद गंभीरता से मामले को लिया गया है। जांच की जा रही है। जो तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।- बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर