मॉक ड्रिल के दौरान स्टाफ से अग्निशमन यंत्र खुलवाते नोडल अफसर। (संवाद)
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कानपुर देहात। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए जिला अस्पताल में की गईं तैयारियों का जायजा लेने के लिए शनिवार को मॉकड्रिल किया गया।
नोडल अधिकारी सीनियर कंसलटेंट डॉ. आरके सिंह ने कोविड वार्ड के बाहर रखे अग्निशमन सिलिंडर को स्टॉफ से चलाने को कहा तो उन्हें उसे खोलने में ही दो मिनट लग गए। इसी तरह कई अन्य संसाधनों की जानकारी अस्पताल का स्टॉफ नहीं दे सका, इस पर उन्होंने नाराजगी जताई।
जिला अस्पताल में कोविड वार्ड के बाहर शनिवार दोपहर 12:49 बजे एंबुलेंस पहुंची। इसके बाद पीपीई किट पहने स्टॉफ स्ट्रेचर लेकर एंबुलेंस के पास पहुंचा और मरीज को लिटाकर वार्ड में ले जाने लगा।
इस दौरान स्टॉफ नर्स मोनिका ने मरीज का ऑक्सीजन लेवल चेक किया। इस पर नोडल अधिकारी डॉ. आरके सिंह ने स्टॉफ नर्स से पूछा कि कितने ऑक्सीजन लेवल पर मरीज को भर्ती करती हैं।
इस पर उन्होंने जवाब दिया कि 90 से नीचे होने पर मरीज को भर्ती कर ऑक्सीजन की सप्लाई देते हैं। इससे भी ऑक्सीजन कंट्रोल नहीं होता तो डॉक्टर के परामर्श से आगे की कार्रवाई की जाती है। डॉ. आरके सिंह ने स्टॉफ से वाईपैप मशीन के बारे में जानकारी ली तो वह स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाए। इसके बाद वेंटिलेटर मशीन के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने सीएमएस डॉ. वंदना सिंह से कहा कि वार्ड में आग बुझाने के इंतजाम नहीं है। इस पर सीएमएस ने वार्ड के बाहर अग्निशमन यंत्र रखा होने की जानकारी दी। इस पर डॉ. आरके सिंह ने स्टॉफ से अग्निशमन यंत्र चलाने को कहा तो वह उसे चालू नहीं कर पाए।
बाद में सीएमओ के एक सहयोगी ने यंत्र संचालन की जानकारी दी। इसके बाद भी स्टॉफ को अग्निशमन यंत्र चालू करने में दो मिनट लग गए। दोपहर 01:09 बजे मॉकड्रिल खत्म हो गई। इसके बाद एल-टू अस्पताल में मॉकड्रिल की गई।