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MLC election: कानपुर में तीन जिलों की मतगणना, 2 फरवरी को सुबह 8 बजे शुरू होगी वोटों की गिनती, रहेगी शराब बंदी

Tue, 31 Jan 2023 12:36 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

स्नातक व शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना दो फरवरी को कानपुर में आईटीआई पांडुनगर में होगी। मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू हो जाएगी।
 
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स्नातक व शिक्षक एमएलसी चुनाव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव में सोमवार को हुए स्नातक व शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना दो फरवरी को होगी। तीनों जिलों की मतगणना कानपुर में ही होगी। आईटीआई पांडुनगर में कड़े सुरक्षा घेरे में मतगणना होगी। स्नातक व शिक्षक दोनों चुनाव की मतगणना अलग-अलग हॉल में होगी। मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू हो जाएगी।

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स्ट्रांग रूम में मतपेटियां रखने के लिए लगी रही लाइन
स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव के बाद सोमवार को कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव जिले की मतपेटियों को आईटीआई पांडुनगर में बनाए गए दो स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया। जिले की मतपेटियां रात 8 बजे तक पहुंच गई थीं। वहीं, कानपुर देहात और उन्नाव जिले की पोलिंग पार्टियां मतपेटी जमा करने के लिए रात तक लाइन लगाए रहीं। 

मतगणना के दिन शराब की दुकानों की बंदी
दो फरवरी को विधान परिषद चुनाव (स्नातक व शिक्षक एमएलसी) की मतगणना को देखते हुए शराब की दुकानें बंद रहेंगी। यह आदेश जिलाधिकारी विशाख जी ने जारी किया है। उन्होंने बताया है कि मतगणना को शांति पूर्ण तरीके से कराने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से इस तरह की व्यवस्था के आदेश दिए गए हैं। महानगर में उस दिन देशी, विदेशी मदिरा, बीयर, माडलशॉप, भांग, प्रीमियम शॉप की फुटकर बिकी की दुकानें मतगणना की समाप्ति तक बंद रहेंगी।

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निकाय चुनाव का रुझान भी देगा एमएलसी का परिणाम
एमएलसी चुनाव का परिणाम से सिर्फ प्रत्याशियों की जीत-हार नहीं होगी बल्कि अगले कुछ महीनों में होने वाले निकाय चुनाव का रुझान भी इससे पता चलेगा। स्नातक एमएलसी चुनाव में राजनीतिक पार्टी के रूप में अभी तक सिर्फ भाजपा ही चुनाव लड़ती आई है। पहली बार शिक्षक चुनाव में भी पार्टी मैदान में उतरी है। इसी तरह विपक्षी पार्टियों कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने भी इस बार दोनों पदों पर प्रत्याशी उतारे हैं। कहा जा रहा है कि इस चुनाव से इस बात का अंदाजा लग जाएगा कि निकाय चुनाव में कौन सी पार्टी कितने पानी में है। यह भी कहा जा रहा है कि पार्टियों ने अपने मतदाताओं को दूसरी ओर जाने से रोकने के लिए भी प्रयोग के तौर पर इस चुनाव में अपनी दखल बनाए रखी है।
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