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उन्नाव रेप काण्ड: पुलिस, अस्पताल और जेल के कई कर्मी हैं सीबीआई की रडार पर

Sun, 10 Jun 2018 05:49 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर

सार

- सीबीआई पिटाई व इलाज न कराने के बिंदु पर कर रही जांच, कई रडार पर
- इलाज कराने की मांग करने वाले अधिवक्ता से ली जानकारी
- तीन अप्रैल को हुई थी मारपीट, पांच को अधिवक्ता ने न्यायालय में दिया था प्रार्थनापत्र
- न्यायाधीश के आदेश के बाद भी पुलिस ने बिना इलाज कराए भेज दिया था जेल
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विधायक कुलदीप सेंगर
भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई ने विधायक पर आरोप लगाने वाली किशोरी के पिता की हत्या के मुकदमे में गहन पड़ताल करने में जुटी है। शनिवार को सीबीआई ने किशोरी के पिता (अब मृतक) के अधिवक्ता का बयान दर्ज किया। 
 
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विधायक कुलदीप सेंगर
अधिवक्ता ने विधायक के भाई की पिटाई से घायल किशोरी के पिता का इलाज कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया था लेकिन न्याधीश के आदेश के बाद भी पुलिस ने इलाज कराने के बजाए जेल भेज दिया था। सीबीआई ने उनसे विधायक प्रकरण से जुड़े कई और बिंदुओं पर जानकारी ली।
 
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विधायक कुलदीप सेंगर
विधायक प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई ने किशोरी के पिता को पिटाई के बाद इलाज कराए बिना जेल भेजने की घटना में किशोरी के पिता की न्यायालय में पैरवी करने वाले अधिवक्ता शहंशाह आलम से शनिवार को विस्तार से जानकारी ली। मालूम हो कि तीन अप्रैल की देर शाम दिल्ली से आकर तारीख पेशी करने के बाद अपने गांव जा रहे किशोरी के पिता के साथ विधायक के भाई अतुल सेंगर व उनके साथियों ने मारपीट की थी। इसके बाद विधायक के दबाव में पुलिस ने पीड़ित के खिलाफ ही मारपीट और आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कर दिया था।
 

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विधायक कुलदीप सेंगर
पिटाई से घायल किशोरी के पिता को जेल भेजने से पहले इलाज की जरूरत को देखते हुए पिता के अधिवक्ता शहंशाह आलम ने 5 अप्रैल को एसीजेएम चतुर्थ न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर किशोरी के पिता को गंभीर घायल होने और अच्छे इलाज की अति आवश्यकता जताई थी। न्यायाधीश ने इलाज कराने के लिए पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया था। इसके बाद भी इलाज कराने के बजाए उसे जेल भेज दिया गया।
 
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विधायक कुलदीप सेंगर
पिटाई से आई चोटों के कारण 8 अप्रैल को किशोरी के पिता की जेल में हालत बिगड़ी तो जेल अधीक्षक ने जिला अस्पताल भेजा जहां 9 अप्रैल की सुबह मौत हो गई थी। जांच कर रही सीबीआई ने किशोरी के पिता के अधिवक्ता से करीब एक घंटे तक प्रकरण से संबंधित बिंदुओं पर जानकारी ली है। सूत्रों के मुताबिक किशोरी के पिता का इलाज न कराने के प्रकरण में पुलिस, अस्पताल और जेल के कई कर्मी सीबीआई के रडार पर हैं।
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