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पोखरण में गरजी 'धनुष', 52 डिग्री तापमान में दागे 4500 गोले

Sun, 10 Jun 2018 05:01 PM IST
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर

सार

-सेना के अंतिम टेस्ट में भी तोप पास, जल्द हो सकती है शामिल 
-फील्ड गन और आयुध निर्माणी कानपुर (ओएफसी) ने विकसित की है 
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डेमाे पिक
फील्ड गन और आयुध निर्माणी कानपुर (ओएफसी) में विकसित की गई धनुष तोप ने अंतिम परीक्षण भी पास कर लिया है। पोखरण में 52 डिग्री तापमान पर सेना ने तोप का सफल परीक्षण किया है। छह तोपों से 4500 गोले दागे गए।
 
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इन परीक्षणों के बाद इसे सेना में शामिल करने का रास्ता साफ हो गया है। निर्माणियों में बल्क उत्पादन शुरू होगा। धनुष तोप स्वीडिश तोप बोफोर्स का स्वदेशी संस्करण है। धनुष में 95 फीसदी कलपुर्जे स्वदेशी हैं। सूत्रों ने बताया कि पिछले वर्ष मई-जून में इसी प्रकार के ट्रायल में तोप की मजल फट गई थी। इसमें चीनी कलपुर्जों के लगे होने की भी बात आई थी। हालांकि बाद में जांच में यह स्पष्ट हो गया था कि चीनी कलपुर्जे का इस्तेमाल नहीं किया गया था। तकनीकी कारणों से मजल फटी थी। अब इसमें सुधार करने के बाद यह ट्रायल किया गया है। इसी सप्ताह हुए ट्रायल में छह धनुष तोपों से 4500 राउंड गोले दागे गए हैं। इस प्रकार के ट्रायल किसी भी उत्पाद को सेना में शामिल करने की अंतिम कसौटी होते हैं, जिसमें धनुष पास रही है। सूत्रों ने बताया कि 26 जनवरी 2017 को धनुष का प्रदर्शन सेना की ओर से परेड में किया गया था। अब सेना में इसके शामिल होने की घोषणा जल्द की जाएगी। 

- सेना और डीआरडीओ के अफसरों की मौजूदगी में यह यूजर ट्रायल किया गया। यह सफल रहा है। धनुष मेक इन इंडिया के तहत बनी तोप है। सेना से बल्क प्रोडक्शन क्लियरेंस मिलने के बाद इसका तेजी से उत्पादन शुरू हो सकेगा।
शैलेंद्र नाथ, महाप्रबंधक, फील्ड गन फैक्ट्री 
 
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इस तरह रहा है धनुष का सफर

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साल 2000 में ओएफसी ने बोफोर्स की बैरल अपग्रेड करने का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को दिया था। फैक्ट्री ने देश में पहली बार सात मीटर लंबी बैरल बनाई, जिसे 2004 में सेना ने मंजूरी दी। बैरल पास होते ही तोप बनाने का प्रस्ताव भेजा गया। इसके बाद 2011 में बोफोर्स तोप की टेक्नोलॉजी और भारत में इसे बनाने की मंजूरी देने के लिए स्वीडन की कंपनी ने 63 महीने का वक्त मांगा। इस बीच ओएफसी ने भी तोप बनाने का प्रस्ताव सेना को दिया। सेना ने 18 महीने का वक्त दिया था। ओएफसी, फ ील्ड गन और डीआरडीओ ने रिकार्ड समय में बेहतर नई तोप बनाकर सेना को सौंप दी।

 
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धनुष एक नजर

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- बैरल का वजन 2692 किलो
- बैरल की लंबाई आठ मीटर
- रेंज 42-45 किलोमीटर
- दो फायर प्रति मिनट 
- लगातार दो घंटे तक फायर करने में सक्षम
- फिट होने वाले गोले का वजन 46.5 किलो
- माइनस तीन डिग्री सेल्सियस से लेकर 75 डिग्री सेल्सियस तापमान पर मार करने में सक्षम
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