कानपुर देहात। ऑटो समेत गुरुवार को लापता हुए रूरा निवासी किशोर की बाढ़ापुर के दूसरे चालक ने नाबालिग भाई संग मिलकर गमछे से गला कसकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को हाईवे पर स्थित पुलिया में छिपा दिया।
ऑटो एजेंसी के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी ऑटो चालक को जेल भेजा गया। वहीं उसके नाबालिग भाई को बाल सुधार गृह भेजा गया है। आरोपी ने नया आटो लूटने के लिए किशोर की हत्या करने की बात कबूल की।
रूरा के शिवाजी नगर निवासी अनिल कुमार श्रीवास्तव कपड़े की फेरी लगाते हैं। 20 जुलाई को उन्होंने अकबरपुर में माती रोड स्थित एजेंसी से ऑटो खरीदा था। चालक न मिलने से छोटा बेटा देवेश कुमार (16) ऑटो चला रहा था। एजेंसी से कई बार फोन आने पर गुरुवार को वह पंजीकरण कराने के लिए अकबरपुर आया था।
वहां उसे सिकंदरा के कलेनापुर निवासी व मौजूदा समय में ननिहाल बाढ़ापुर, अकबरपुर में रहने वाला ऑटो चालक संगम द्विवेदी मिल गया। यहां से ऑटो एजेंसी संचालक ने देवेश कुमार को एआरटीओ कार्यालय भेजा। हालांकि वह एआरटीओ कार्यालय नहीं पहुंचा। घर भी न पहुंचने पर परिजनों ने तलाश की पर उसका कुछ पता नहीं चला।
इस पर उसके बड़े भाई रामजी की तहरीर पर शनिवार को अकबरपुर कोतवाली में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई। छानबीन में जुटी पुलिस ने ऑटो एजेंसी से मिले सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संगम से पूछताछ की। इस दौरान उसने नया ऑटो लूटने के लिए नाबालिग छोटे भाई के साथ मिलकर देवेश की हत्या करने की बात कबूली।
पुलिस ने मामले में नाबालिग आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर सेंगुर नदी के पास पुलिया में छिपाया शव बरामद हो गया। कोतवाल तुलसीराम पांडेय ने बताया कि ऑटो कलेनापुर स्थिति आरोपी के घर के बाहर से बरामद कर लिया गया।
बुकिंग का लालच देकर संगम ले गया था साथ
पूछताछ में आरोपी संगम ने पुलिस को बताया कि मामा ट्रक चालक है। हर रोज ऑटो का भाड़ा मामा वसूल करता था। ऑटो पुराना होने से कमाई कम होती थी। शाम को कम भाड़ा आने पर मामा नाराज होता था। इससे उसने नया ऑटो लूटने का प्लान बनाया। नाबालिग ऑटो चालक देवेश से वह पहले मिल चुका था। गुरुवार को ऑटो एजेंसी में वह देवेश के साथ गया था।
वहां देवेश ने एजेंसी संचालक को उसे ही ऑटो का चालक बताया था। इसके बाद अकबरपुर में ओवर ब्रिज चौराहे पर पुलिस का डर दिखाकर संगम ही ऑटो चलाने लगा। एआरटीओ कार्यालय के ठीक पहले ऑटो रोककर रसधान की बुकिंग के बहाने कलेनापुर ले गया।
वहां से नाबालिग छोटे भाई को संग लिया फिर लौटते समय सेंगुर नदी किनारे ले जाकर गमछे से गला कस कर देवेश की हत्या कर दी। उसका मोबाइल व चप्पल नदी में फेंक दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला कसे जाने और दम घुटने से मौत होना पाया गया है। (संवाद)
आखिरी बार ममेरे भाई से हुई थी बात
देवेश की गुरुवार को दोपहर बाद 3:20 बजे ममेरे भाई गौरव सक्सेना से बात हुई थी। उसने रसधान के लिए छह सौ रुपये की बुकिंग मिलने की बात उससे कही थी। करीब एक घंटे बाद देवेश ऑटो लेकर रसधान पहुंचा। इसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया। शाम तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की थी। कोतवाली के दरोगा मंजीत दयाल सिंह ने बताया कि गुरुवार शाम को ही देवेश की गला कसकर हत्या कर दी गई। (संवाद)
ऑटो का चालान होने से डरा था देवेश
देवेश के नाबालिग होने और ऑटो चलाते पकड़े जाने पर मंगलवार को अकबरपुर में चालान हो गया था। इसको लेकर वह डरा हुआ था। दोबारा चालान न हो इसके लिए वह संगम को लेकर माती रोड पर ऑटो एजेंसी में गया था। (संवाद)
दो दिन में छह सौ किमी चलाई लूटी ऑटो
नाबालिग की हत्या कर लूटी गई ऑटो दो दिन में छह सौ किमी चलाई गई। मृतक के भाई रामजी ने बताया कि गुरुवार को ऑटो का मीटर 1300 किमी पर था। केवल सौ प्वाइंट सीएनजी थी। शनिवार को ऑटो बरामद हुई तो मीटर 1900 पर मिला।
दो दिनों में छह सौ किमी ऑटो चलाया गया है। इससे साफ है कि कई जगह पर सीएनजी या फिर पेट्रोल भरवाया गया है। रामजी ने भाई की हत्या व लूट की घटना में अन्य आरोपियों के शामिल होने की शंका जताई। पुलिस फिलहाल इससे इनकार कर रही है। (संवाद)