एनआईए में तैनात बड़े बेटे के साथ रहते हैं माता पिता
आरोपी सैफ के बड़े भाई इमरान लखनऊ में एनआईए में तैनात हैं। उन्होंने घटना के बाद से अपने माता पिता को मथुरा से बुलाकर लखनऊ में अपने साथ रख लिया, जिससे परिवार की बदनामी न हो और माता-पिता को किसी परेशानी से न गुजरना पड़े।
परिजनों ने नहीं की पैरवी, इसलिए मिली फांसी की सजा
जाजमऊ में रह रहे सैफ के रिश्तेदारों ने बताया कि सैफ द्वारा किए गए कुकृत से परिवार काफी आहत हुआ था। इसलिए उन्होंने खुद को बदनामी से दूर रखने के लिए उसे बचाने को आगे नहीं आए। इसलिए उसे फांसी की सजा मिली। उनका कहना था कि इस तरह के अपराधी को बचाना खुद गुनाह करने जैसा है।
डेढ़ साल पहले दुबई से लौटा था सैफ
रिश्तेदारों के अनुसार सैफ के पिता तवसुर पहले सऊदी में काम करते थे। वहां से कुछ साल पहले लौटे थे। वहीं सैफ डेढ़ साल पहले दुबई से काम कर लौटा है। सैफ चार भाई व एक बहन हैं। इसमें सबसे बड़ा इमरान रजा एनआईए में कांस्टेबल हैं। वह इस दौरान लखनऊ में तैनात हैं।
मथुरा के औरंगाबाद में रहता है परिवार
इससे छोटा भाई कामरान हैं, जो बाउंसर हैं। यह बड़ी कंपनियों में सिक्योरिटी के लिए अपनी सेवा देता है। वहीं सैफ तीसरे नंबर का है। इसके अलावा चौथा भाई जैद मेडिकल लाइन से जुड़ा हुआ है। यह सभी लोग मथुरा के औरंगाबाद में रहते हैं। साथ ही इनके माता-पिता भी रहते थे।