दूसरी ओर अलीगढ़, हमीरपुर और फिर जनपद के कुठौंद की घटना के बाद जैसे ही ग्रामीणों को अपने ही गांव में बच्ची के साथ हैवानियत की बात पता चली तो भारी भीड़ कैंटीन संचालक पिता के घर की ओर चल पड़ी। भीड़ के तेवर देख पुलिस ने तत्काल ही आरोपी को सुरक्षा घेरे में थाने पहुंचाया। घर की महिलाएं भी बच्ची की हालत देख बार बार आरोपी को पीटने के लिए बढ़ रही थी, लेकिन पुलिस के आगे उनकी एक न चल पाई।
घर की महिलाएं चीख चीख कर कह रहीं थीं, साहब इसको फांसी पर लटका देना। घर पर मौजूद बच्ची के नाते रिश्तेदार महिलाओं का कहना था कि गनीमत थी कि बरात अभी लौटी नहीं है, यदि घरवाले होते तो निश्चित ही जान ले लेते। आरोपी के थाने जाने और बच्ची को मेडिकल के लिए भेजे जाने के बाद भी सैकड़ों की भीड़ वहां डटी रही। भीड़ कई बार थाने तक गई लेकिन वहां भारी फोर्स तैनात देख बाहर ही खड़ी रही।
हर एक आंख में आरोपी दिनेश के प्रति आक्रोश नजर आ रहा था। घटना को लेकर परिवार में शादी की खुशियां भी गम और गुस्से में तब्दील हो गई थी। दुल्हन भी खामोशी से विदा होकर आ गई। लौटे बरातियों को जैसे ही घटना पता लगी तो वह भी आरोपी की तलाश में कई बार थाने तक गए।
परिजनों ने बताया कि दिनेश उसका दूर की रिश्तेदारी में चाचा लगता है। आरोपी दिनेश कैंटीन संचालक के चाचा का लड़का है। संचालक के भाई के बेटे की शादी में शामिल होने के लिए ही वह हमीरपुर से यहां आया था।
मेडिकल टीम के सूत्रों की मानें तो दरिंदे ने मासूम बच्ची के साथ निर्दयता की पराकाष्ठा पार कर दी। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए आरोपी के साथ बच्ची के अंडर गारमेंट भी कब्जे में लिए हैं। सूत्रों का कहना है कि आरोपी के सीमेंस की भी जांच कराई जाएगी।