मंगलवार सुबह लगभग साढ़े 10 बजे उसने एक बच्ची को जन्म दिया। महिला थाने की पुलिस कपड़े आदि लेकर 50 शैय्या अस्पताल पहुंची। जहां बच्ची को कपड़े देने की रस्म पूरी करने के साथ ही नए तौलिये में लपेटकर गोद में उठाकर प्यार-दुलार किया और आशीर्वाद देकर उसको शक्ति नाम दिया।
अपनों द्वारा ठुकरा दी गई दुष्कर्म पीड़िता ने मंगलवार की सुबह एक बेटी को जन्म दिया, जिसको अपनाकर महिला पुलिस ने बच्ची का नाम मिशन शक्ति पर शक्ति रखा है। पुलिस की ओर से बेटी को मिले प्यार को देख पीड़िता की आंखें भी भर आईं।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती का उसके प्रेमी ने शादी का भरोसा देकर एक साल तक शारीरिक शोषण किया। युवती गर्भवती हो गई, तब भी वह उसे शादी का आश्वासन देता रहा। अगस्त माह में डिलीवरी का समय नजदीक आने पर युवक ने उससे शादी करने से इंकार कर दिया।
हजारों मिन्नतों के बाद भी युवक के न मानने पर युवती के पिता की तहरीर पर महिला थाना पुलिस ने आरोपी विकास निवासी सिखौला के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया। घटना की जानकारी सार्वजनिक होने पर परिवार और रिश्तेदारों ने पीड़िता से किनारा कर लिया।
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इसपर पीड़िता को महिला थाना पुलिस ने सहारा दिया। 20 अगस्त को उसे 50 शय्या अस्पताल में भर्ती कराया। महिला थानाध्यक्ष संगम भदौरिया समेत समेत महिला पुलिसकर्मियों ने पीड़िता के लिए दवाइयां, फल आदि जरूरी सामान मुहैय्या कराते हुए प्रसव के दौरान परिजनों की कमी महसूस नहीं होने दी।
मंगलवार सुबह लगभग साढ़े 10 बजे उसने एक बच्ची को जन्म दिया। महिला थाने की पुलिस कपड़े आदि लेकर 50 शैय्या अस्पताल पहुंची। जहां बच्ची को कपड़े देने की रस्म पूरी करने के साथ ही नए तौलिये में लपेटकर गोद में उठाकर प्यार-दुलार किया और आशीर्वाद देकर उसको शक्ति नाम दिया।
अपनों से नफरत और बेगानों से बेटी को मिल रहे प्यार को देख प्रसूता की आंखें खुशी से भर गईं। प्रसूता ने बताया कि उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि वह जिन्हें अपना मानती है, वे और बेगाने अपनों से भी ज्यादा हो जाएंगे। उसने बताया कि वह अपनी बेटी शक्ति को खूब पढ़ाएगी और देश सेवा के लिए एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी बनाएगी।