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दुष्कर्म का मामला: फास्ट ट्रैक में चलेगा केस, कम समय में आरोपी पूर्व इंस्पेक्टर को सजा दिलाने का प्रयास

Sun, 15 Aug 2021 09:10 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

आठ अगस्त की रात पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी ने किरायेदार की 13 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। पीड़िता की मां ने आरोपी दिनेश को रंगेहाथ पकड़ा था।
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आरोपी पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी पर दर्ज दुष्कर्म के केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी। जिससे केस की सुनवाई जल्द पूरी हो और आरोपी को कम से कम समय में सजा मिले। इसके लिए पुलिस ने कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के पास आरोपी के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य हैं।
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पीड़िता के बयान और उसकी मां की गवाही केस में बेहद अहम है। जो मजबूत पैरवी में मदद करेगी। चकेरी फ्रेंड्स कॉलोनी में आठ अगस्त की रात पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी ने किरायेदार की 13 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। पीड़िता की मां ने आरोपी दिनेश को रंगेहाथ पकड़ा था।

दूसरे दिन पुलिस ने उस पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया था। मामले में पीड़िता के बयान पुलिस के साथ मजिस्ट्रेट भी दर्ज कर चुके हैं। पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने बताया कि केस की विवेचना जारी है। एक सप्ताह के भीतर मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
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उसके बाद पूरी प्रक्रिया कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस की सुनवाई के लिए मजिस्ट्रेट से अनुमति ली जाएगी। सीपी ने बताया कि फास्ट ट्रैक में केस चलाने का मकसद है कि आरोपी को जल्द से जल्द सजा दिलाना। क्योंकि महिला अपराध संबंधी मामले में शासन का आदेश है कि सख्त कार्रवाई की जाए। 

कॉल रिकॉर्डिंग जांच में शामिल, फोरेंसिक जांच कराई जाएगी 
वारदात को अंजाम देने के बाद दिनेश ने पीड़िता की मां से माफी मांगी थी। यही नहीं कुछ देर बाद दिनेश ने उनको फोन किया था। जिसमें उसने घटना कबूल की थी। कहा था कि उससे गलती हो गई है माफ कर दें। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस कॉल रिकॉर्डिंग को जांच में शामिल कर लिया गया है।

चार्जशीट में भी इसको शामिल किया जाएगा। इसके लिए साइबर एक्सपर्ट से 65बी का सर्टिफिकेट भी लिया जाएगा। जिससे प्रमाणित होगा कि कॉल रिकॉर्डिंग में आरोपी दिनेश की ही आवाज है। यही नहीं अगर सुनवाई के दौरान जरूरत पड़ी तो पुलिस रिकॉर्डिंग की फोरेंसिक जांच भी कराएगी। जिससे किसी भी तरह की कोई कसर न रहे।
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