कानपुर में मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) ने फुल स्पीड से मेट्रो ट्रेन चलवाकर परीक्षण किया। डिपो, कंट्रोल रूम, मेट्रो स्टेशन भी देखे। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों से जानकारियां लीं। बैठक भी की। सप्ताह-दस दिन में दोबारा टीम के साथ आकर परीक्षण करेंगे। उनका ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद ही मेट्रो का कामर्शियल रन शुरू होगा।
पीएम मोदी कर सकते हैं मेट्रो का लोकार्पण
25 या 30 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो का लोकार्पण कर सकते हैं। इसे लेकर भी तैयारियां चल रही हैं। सीएमआरएस जनक कुमार गर्ग ने सुुबह गुरुदेव चौराहे के पास स्थित मेट्रो डिपो से जायजा लेना शुरू किया। कार्यशाला में ट्रेन और उनका संचालन देखा। कंट्रोलिंग यूनिट का भी जायजा लिया।
आईआईटी से मोतीझील तक नौ स्टेशन बनकर तैयार
यूपीएमआरसी के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद कुमार, डायरेक्टर ऑपरेशन सुशील कुमार आदि के साथ बैठक कर मेट्रो रेल परियोजना की समीक्षा की। आईआईटी से मोतीझील तक बने मेट्रो ट्रैक, नौ मेट्रो स्टेशनों, सिग्नलों आदि की स्थापना, ट्रायल की समीक्षा की।
गीता नगर से आईआईटी तक ट्रेन ने लगाए कई चक्कर
दोपहर बाद सीएमआरएस सड़क मार्ग से गीता नगर मेट्रो स्टेशन पहुुंचे। निरीक्षण करने के बाद डिपो से वहां तक अपने निर्देशन में मेट्रो ट्रेन का संचालन कराया। कल्याणपुर मेट्रो स्टेशन तक 15 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चली। धीरे-धीरे स्पीड बढ़वाते हुए गीता नगर से आईआईटी तक ट्रेन के कई चक्कर लगवाए।
90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से भी दौड़ी मेट्रो
सूत्रों के अनुसार सीएमआरएस ने आईआईटी से गीता नगर तक 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलवाई। ब्रेक लगवाकर देखा कि कितने मीटर आगे ट्रेन रुकी। सामान्य तौर पर ब्रेक लगाने, अचानक ब्रेक लगाने पर ट्रेन, ट्रैक पर क्या असर पड़ा? परीक्षण शाम साढ़े पांच बजे तक चला।