कानपुर में तैयार मेट्रो स्टेशन
- फोटो : amar ujala
कानपुर मेट्रो ट्रैक सहित कई कार्य अधूरे रहने से शुक्रवार को ट्रेन का ट्रायल नहीं हो पाया। गीता नगर मेट्रो स्टेशन में बिछी पटरियों में पेंड्रोल क्लिप लगाए जाते रहे। सिग्नल आदि कार्य भी होते रहे, जिनकी वजह से मेट्रो ट्रेन को डिपो में ही चलाकर ट्रायल किया गया।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने शुक्रवार सुबह पहली मेट्रो ट्रेन को डिपो से निकालकर गीता नगर मेट्रो स्टेशन से विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन तक संचालन की टेस्टिंग करने की योजना बनाई थी। इसके मद्देनजर मेट्रो के अधिकारियों और वहां काम कर रहे कर्मियों के अलावा अन्य लोगों को दिनभर स्टेशन जाने से रोका गया।
दोपहर में प्रोटोटाइप मेट्रो ट्रेन को यूपीएमआरसी के एमडी कुमार केशव की मौजूदगी में डिपो में निकाला गया, पर विभिन्न मेट्रो स्टेशनों के बीच शाम तक ट्रायल नहीं हो पाया। इसकी वजह गीता नगर मेट्रो स्टेशन मेें एक-दूसरे से जोड़ते हुए लगाई गई पटरियों के प्लेटफार्म के बेस से न जुड़ा होना, थर्ड रेल, सिग्नल आदि कार्य अधूरा होना है।
मेट्रो ट्रेन को डिपो से गीता नगर क्रासओवर होते हुए विश्वविद्यालय तक ले जाया जाना था। हो सकता है कि नोडल अधिकारी और एमडी के अचानक दौरों, इंटर्नल मीटिंग की वजह से टेस्ट न हो पाया हो। मेन ट्रैक पर शनिवार को भी टेस्ट हो सकता है। इसके लिए डिपो से गीता नगर क्रासओवर होते हुए विश्वविद्यालय तक ट्रैक तैयार है। ट्रैक, सिग्नल अधूरे होने की बात गलत है।
पंचानन मिश्रा, डीजीएम (पीआर), यूपीएमआरसी