साथी छात्र हॉस्टल पहुंचे हॉस्पिटल की गैलरी से लेकर मृडाल के कमरे के बाहर तक खून पड़ा देखा। साथी छात्र कमरे में पहुंचे। तो वहां पर वह बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। साथी छात्र उसे तत्काल रामा अस्पताल लेकर पहुंचे जहां आईसीयू में उसका उपचार शुरू हुआ।
मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र के आत्महत्या के प्रयास को लेकर उत्तेजित छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। रामा अस्पताल की इमरजेंसी में सैकड़ों की तादाद में छात्र जुट गए। छात्रों ने कॉलेज मैनेजमेंट के खिलाफ आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
अस्पताल के बाद छात्रों ने मेडिकल कॉलेज में जमकर हंगामा काटा। कॉलेज प्रिंसिपल समेत दिन भर गंभीर आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। प्रिंसिपल समेत एग्जामिनर को हटाने की मांग करने लगे। बवाल की सूचना पर बिठूर इंस्पेक्टर अतुल कुमार सिंह मौके पर पहुंचे छात्रों को समझा कर मामला शांत कराया।
छात्रों की मांग को लेकर के मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों का पांच सदस्यीय पैनल तय किया गया है, जो छात्रों की मांग को लेकर छात्रों से बात करेंगे। छात्रों की मांगों को लेकर उनकी सुनवाई को मानकर आश्वासन मैनेजमेंट ने आश्वासन दिया। इसके बाद छात्र हंगामा खत्म कर अपने अपने हॉस्टल में वापस लौट गए।
दो बार परीक्षा में फेल हुआ
छात्रों ने आरोप लगाया कि लगातार एमबीबीएस छात्रों दो बार की परीक्षा में फेल किया गया। स्क्रूटनी के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है, जिसको लेकर के छात्र के मानसिक स्थिति खराब हो गई डिप्रेशन में आने के बाद उसने आत्महत्या का प्रयास किया।
रामा मेडिकल कॉलेज के छात्र के हाथ की नस काटने की सूचना मिली थी। उसकी हालत अब स्थिर है। कुछ अंक कम होने के कारण घटना की गई है। अगर छात्र किसी पर आरोप लगाते हुए तहरीर देता है तो मामले में जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। -लखन सिंह यादव, एडीसीपी वेस्ट