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महोबा: एक लाख के इनामी निलंबित आईपीएस पर एक और मुकदमा दर्ज, भगोड़ा घोषित है मणिलाल

Fri, 23 Jul 2021 08:55 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी मौत के मामले में पाटीदार को पुलिस 10 माह बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पाटीदार पर एक लाख रुपये इनाम है और उन्हें भगोड़ा घोषित किया जा चुका है।
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इंद्रकांत त्रिपाठी (मृतक कारोबारी) आईपीएस मणिलाल पाटीदार - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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महोबा क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत व भ्रष्टाचार के मामले में फरार एक लाख के इनामी निलंबित आईपीएस मणिलाल पाटीदार के खिलाफ एक और मामला महोबा की शहर कोतवाली में दर्ज हुआ है। सीओ कुलपहाड़ तेज बहादुर सिंह ने उनके खिलाफ कोर्ट के आदेश की अवहेलना के तहत आईपीसी की धारा 174 (ए) के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी मौत के मामले में पाटीदार को पुलिस 10 माह बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पाटीदार पर एक लाख रुपये इनाम है और उन्हें भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। क्रशर कारोबारी की मौत के मामले में फरार चल रहे पाटीदार के खिलाफ कोर्ट ने कुर्की का नोटिस 21 जून को जारी किया था।

यह नोटिस पुलिस ने उनके राजस्थान प्रांत के जिला डूंगरपुर के सगवाड़ा सरौदा गांव स्थित आवासों पर चस्पा करा दिया था। इसके बावजूद मणिलाल न तो कोर्ट में हाजिर हुए और न ही खुद को पुलिस के हवाले किया। सीओ कुलपहाड़ ने शहर कोतवाली में निलंबित आईपीएस मणिलाल पाटीदार के खिलाफ कोर्ट के आदेश की अवहेलना का मामला दर्ज कराया है।
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अब जल्द ही विवेचक कोर्ट में कुर्की की कार्रवाई के लिए अर्जी देेंगे। मामले की विवेचना एसआई उपेंद्र प्रताप सिंह को सौंपी गई है। सीओ ने बताया कि धारा 82 सीआरपीसी के तहत गैरहाजिर  होने और न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने पर मामला दर्ज कराया गया है।

यह था मामला
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को सोशल मीडिया में वीडियो वायरल कर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। आठ सितंबर को उनके गले में गोली लग गई थी और 13 सितंबर को कानपुर के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मामले की जांच एसआईटी ने की थी।

मृतक कारोबारी के भाई रविकांत त्रिपाठी ने तत्कालीन एसपी पाटीदार, तत्कालीन थानाध्यक्ष कबरई देवेंद्र शुक्ला, व्यापारी सुरेश सोनी व ब्रह्मदत्त के खिलाफ आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने का मामला दर्ज कराया था। बाद में सिपाही अरुण यादव को भी मामले में अभियुक्त बनाया गया था। इस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष, बर्खास्त सिपाही व दोनों व्यापारी लखनऊ जेल में निरुद्ध हैं। 
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