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प्रेमी युगल ने ट्रेन से कटकर की आत्महत्या, फुफेरे भाई-बहन को परिजनों ने आपत्तिजनक हालत में देखा था

Mon, 17 Aug 2020 03:45 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के घाटमपुर सजेती इलाके में शनिवार को प्रेमी युगल ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। दोनों के शव सजेती थानाक्षेत्र के गांव किरार और अमौली के मध्य बीच जंगल में रेलवे ट्रैक के किनारे बरामद हुए। युवक जनपद हमीरपुर जबकि युवती जालौन जिले की निवासी थी। दोनों आपस में रिश्तेदार थे। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
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सजेती थानाध्यक्ष ने बताया कि उनके बीच प्रेम संबंध थे, लेकिन घरवालों को रिश्ता मंजूर नहीं था जिसके चलते उन्होंने खुदकुशी की। किसी पक्ष ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। थाना सिसोलर (हमीरपुर) के ग्राम केशवाही निवासी युवक शेखर पाल (22) नेयवेली पावर प्लांट (घाटमपुर) की सहायक कंपनी एलएंडटी के ठेकेदार के अधीनस्थ कर्मचारी था।

उसकी बुआ जनपद जालौन के गांव रैला, थाना कदौरा में रहती है। इस कारण उसका रैला (कदौरा) आना-जाना था। वहीं पर उसका रिश्ते में फुफेरी बहन बंदना (20) से प्रेम संबंध था। जन्माष्टमी पर शेखर पाल अपनी बुआ और उसकी बेटी को त्योहार के बहाने लेने जालौन गया। लेकिन, बुआ ने मना कर दिया जबकि, शेखर के साथ अपनी बेटी को भेज दिया। 
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केशवाही गांव में शेखर के घरवालों ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया तो उन्होंने युवती को उसके घर (जालौन) भेज दिया। इधर, युवती के जाने के बाद शेखर तनाव में था। 14 अगस्त की शाम वह अपने घर से निकल गया। अगले दिन 15 अगस्त को उसने फोन करके युवती को कदौरा में बुलाया। वहां से दोनों हमीरपुर पहुंचे और फिर सजेती आए।

सजेती में दोनों ने दुकान से कुछ खाने का सामान खरीदा और पैदल चल दिए। दोपहर में दोनों के शव कोहरा और किरार गांवों के मध्य रेलवे ट्रैक पर पड़े मिले। सजेती एसओ अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि युवक की जेब से उसका आधार कार्ड और एलएंडटी कंपनी का परिचय पत्र मिला। कार्ड पर दर्ज पते पर संपर्क करने पर उनके बारे में जानकारी हुई। 

युवती के परिजनों का शव लेने से इंकार
युवती के परिजनों ने पहले तो शव लेने से मना कर दिया और वह मौके पर भी नहीं आए। बाद में शव को सुपुर्दगी में लेकर अंतिम संस्कार करने को तैयार हो गए। सजेती एसओ ने बताया कि युवती का पिता हैदराबाद में किसी कंपनी में काम करता है। सूचना दी गई तो उसने बेटी का शव लेने से मना कर दिया था। बाद में उसके भाई को शव सौंपा गया। 
 
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