फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: अपनों ने मौत की नींद सुलाने में नहीं छोड़ी कसर, फिर भी नहीं टूटी जिंदगी की लड़ी

Sat, 08 Nov 2025 01:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर देहात। दुनियां में जन्म लेने के कुछ घंटे बाद ही माओं ने दो नवजातों को मौत को नींद सुलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन फिर भी उनकी जिंदगी की लड़ी नहीं टूटी। सिकंदरा थाना के एक बच्चे के परिजन ने उसे दफन कर मारना चाहा। सुबह होने पर कुत्ते भी नवजात को अपना शिकार बनाने के लिए जुट गए।
विज्ञापन

इसी बीच पशुपालक के रूप में पहुंची एक मां ने बच्चे को जीवनदान दिया। वहीं, एक बच्ची को ठंड में तड़प कर दर्दनाक मौत देने के लिए परिजन उसे निर्वस्त्र अवस्था में शिवली थाना क्षेत्र के अलियापुर में झाड़ियों में फेंक गए। सुबह स्कूल जा रहे शिक्षक उसके लिए देवदूत बन गए और उनको नया जीवन दिया है।
सिकंदरा थाना क्षेत्र के मदनपुर में गुरुवार रात को एक नवजात बच्चे के परिजन उसे परिषदीय विद्यालय के पास खेत में जिंदा दफ्न कर गए। सुबह होने पर बच्चे के पास आवारा कुत्ते पहुंच गए और मिट्टी हटाकर मासूम को बाहर निकालने लगे। सुबह सात बजे के करीब बकरियों के लिए चारा लेने जा रहीं गांव के देवेंद्र की पत्नी सुनीता की नजर मिट्टी के बाहर निकले मासूम के पैरों पर पड़ गई। इस पर उन्होंने कुत्तों को भगाकर मासूम को बाहर निकाला। जीवित बच्चा मिलने पर सुनीता ने उसके अपने आंचल से लगा लिया और घर ले गई।
विज्ञापन

सुनीता ने बताया कि कुत्ते नवजात को बाहर निकलाने का प्रयास कर रहे थे। इस पर उसने कुत्तों को भगाकर स्वयं बच्चे को निकाला। बच्चा जीवित होने पर वह उसे घर ले गई। बच्चे को नहला कर दूध पिलाने के बाद वह पति देवेंद्र के साथ उपचार के लिए बच्चे को सीएचसी सिकंदरा ले गई।
साथ ही पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष हरिओम प्रकाश त्रिपाठी ने डॉक्टर से बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेने के साथ महिला व उसके पति से पूछताछ की। मौके पर पहुंची चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने बच्चे को अकबरपुर मेडिकल कॉलेज स्थित एसएनसीयू में भर्ती करवाया।
इधर शिवली थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार यादव ने बताया कि शुक्रवार सुबह कॉलर आलोक कुमार ने पुलिस को सूचना दी। बताया कि शुक्रवार सुबह वह घर से स्कूल पढ़ाने के लिए जा रहे थे।
रनियां-अलियापुर पर मार्ग पर अलियापुर के पास पहुंचने पर उन्हें झाड़ियों में बच्चे के रोने की आवाज आई। इस पर उन्होंने वाहन रोककर कर झाड़ियों के अंदर जाकर देखा तो उन्हें एक दुधमुही बच्ची निर्वस्त्र अवस्था में पड़ी मिली है। शिक्षक मौके पर पहुंची पुलिस के साथ नवजात को सीएचसी शिवली ले गए। वहां डॉक्टर ने उसका उपचार किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें