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लॉकर डकैती: आखिर क्यों तोड़े गए एक साल में चार बार लॉकर, जुलाई से दिसंबर तक बड़ा खेल, 6 सराफ भी रडार पर 

Wed, 13 Apr 2022 12:13 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

पिछले साल ही सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कराचीखाना शाखा में छह महीनों में ही बड़ा खेल कर दिया गया था। एक साल में ही बैंक शाखा में चार बार लॉकर तोड़े गए थे।
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सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कराचीखाना शाखा में बैठे कर्मचार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कराचीखाना शाखा के लॉकर से जेवरात गायब होने के मामले में पुलिस की जांच में आशंका है कि 9 दिसंबर को बड़ा खेल हुआ है। इसी दिन 29 लॉकर तोड़े गए थे। मंगलवार को जब इन लॉकरों की नई लॉक को खोला गया, तो पांच लॉकर नहीं खुले।

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आशंका है कि इन पांच लॉकरों की जगह अन्य पांच लॉकरों को तोड़कर जेवरात पार किए गए। तफ्तीश के दौरान डीसीपी पूर्वी खुद मौके पर मौजूद रहे। लॉकर तोड़ने के लिए बनाई गई कमेटी के लोगों से भी पूछताछ की।
डीसीपी पूर्वी ने बतया कि बैंक के एजीएम ने बताया कि शहर में 53 शाखाएं हैं। इसलिए उसने जानकारी मांगी गई है कि इन शाखाओं में कब कब लॉकर तोड़ने की कार्रवाई की गई। जल्द से जल्द पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा है। कुछ लोगों के बयानों पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इसलिए वह पुलिस के शक के दायरे में आ गए हैं।

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डीसीपी का कहना है कि विवेचना जारी है। लगातार नए मामले भी सामने आ रहे हैं। कई और लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है। वहीं, दूसरी तरफ जेवरात खरीदने वाले शहर के छह सराफ रडार पर हैं, जो जूही व नौबस्ता के अलावा स्वरूपनगर का है। स्वरूपनगर वाले को शुभम मालवीय ने जेवरात दिए थे। 

सबसे बड़ा सवाल, आखिर एक साल में चार बार क्यों तोड़े लॉकर
पुलिस की जांच में सामने आया है कि पिछले साल चार बार लॉकर इसी ब्रांच में तोड़े गए। पहली बार जुलाई में। दो बार सितंबर और चौथी बार 9 दिसंबर को लॉकर तोड़े गए। डीसीपी ने इस पर सवाल करते हुए कमेटी से पूछताछ की। उन्होंने पूछा कि आखिर एक साल के भीतर चार बार लॉकर क्यों तोड़े गए। जबकि अन्य बैंकों में ये प्रक्रिया कई कई साल में एक बार होती है। इस पर कमेटी ने बस ये कहा कि नियमानुसार ही लॉकर तोड़े गए। डीसीपी इस जवाब से संतुष्ट नहीं है। 
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शायद ऐसा हुआ होगा
पुलिस को शक है कि पहली बार जुलाई में एक दो लॉकर से जेवरात पार किये गए। फिर इनको लत लग गई। दो तीन लॉकर और पार किए। वहीं, दिसंबर में एक साथ पांच लॉकर से जेवरात पार कर दिए। चूंकि पिछले महीने ग्राहक ने पुलिस से शिकायत की और केस दर्ज कराया, तो खेल का राजफाश हो गया।
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