छात्रा के कमरे में जांच करती पुलिस
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अलग-अलग हैं भावेश और मकान मालकिन के बयान
मृतक के मामा के अनुसार उन्होंने घटना के बाद भावेश से बात कर जानकारी ली। भावेश ने उन्हें बताया कि घटना के दिन 12 बजे उसके पास रजनी का फोन आया था। लेकिन, उसकी बात नहीं हुई थी। उसने बताया कि एक हफ्ते पहले रजनी के पास गया था। वहीं मकान मालिक अजय गुप्ता की पत्नी श्वेता ने भावेश के तीन हफ्ते से ना आने की बात घटना के बाद कही थी, जिससे काफी कुछ छुपाने का संदेह लग रहा हैं।
इसी घर में रहती थी छात्रा
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किराया वसूलते रहे, लेकिन मूल पता तक नहीं था जाना
रजनी बाथम अजय गुप्ता के मकान में तीन हजार रुपये प्रतिमाह के किराए पर चार माह से रह रही थी। उनकी पत्नी श्वेता ने घटना के बाद आधार कार्ड पुलिस के सामने रख लिया। उसने बताया कि वह गुजरात की रहने वाली थी, जबकि मूलरूप से कन्नौज की रहने वाली थी।
छात्रा रजनी का फाइल फोटो
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डेढ़ माह पहले लखनऊ गई थी, मामा से मांगे थे रुपए
लखनऊ निवासी मामा ने बताया कि कि वह गुजरात जाने के पहले लखनऊ गई थी। उसने घूमने के लिए फोन कर रुपए मांगे थे। इस पर मामा ने उससे सैलरी मिलने पर देने को कहा था। साथ ही कहा था कि वह भी किसी से ले ले और उसके बाद उस वापस कर दे।
अपनी मर्जी से एलएलबी के लिए चुना कानपुर का कॉलेज
मूल रूप से कन्नौज निवासी रजनी के मामा के अनुसार उनके गांव के पास ही एक लॉ कॉलेज है, जहां से रजनी को एलएलबी करने के लिए कहा गया था। रजनी ने उस बात से इनकार कर दिया। उसने अपनी मर्जी से ही कानपुर के ब्रह्मानंद कॉलेज में एलएलबी के लिए प्रवेश लिया।