बबेरू कोतवाली क्षेत्र के पवइया गांव में गुरुवार को दिनदहाड़े तेंदुआ घुस आया। इससे हड़कंप मच गया। तेंदुए ने बकरी चरा रहे दो चरवाहों पर हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया। ग्रामीणों की घेराबंदी पर तेंदुआ एक स्थान पर छिपकर बैठ गया। वन विभाग की टीम पूरे दिन की मशक्कत के बाद उसे पिंजडे़ में कैद कर सकी। देर रात उसे मुख्यालय स्थित वन विभाग कार्यालय लाया गया। यहां से प्रदेश के किसी चिड़ियाघर में भेजा जाएगा। इसे वन्य जीवों की शेड्यूल सूची-1 में दुर्लभ वन्य जीव बताया गया है।
ओरन और बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक तेंदुए ने गुरुवार सुबह पहले खेत में बकरियों पर हमला किया। चरवाहे रामखिलावन (60) पुत्र सरदार ने शोर मचाया तो तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। तभी रामखिलावन की आवाज सुन बचाने आए अंशू यादव (55) पुत्र भरोसा को भी पंजा मारकर लहूलुहान कर दिया। इस बीच आसपास के ग्रामीण आ गए और शोर मचाते हुए लाठी-डंडों से तेंदुए को खदेड़ा। तेंदुआ नजदीक में ही एक गड्ढे में छिप गया।
इस बीच ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम पहुंच गई। एसडीओ सीएल सोनकर और क्षेत्राधिकारी ओमप्रकाश, कोतवाली प्रभारी केपी सिंह भी फोर्स के साथ आ गए। वन विभाग की टीम ने चारों ओर घेराबंदी कर जाल बिछा दिया। इस बीच बारिश ने खलल डाला, अंतत: शाम को वन विभाग की टीम ने तेंदुए को लोहे के पिंजडे़ में कैद कर लिया। तेंदुए के हमले से दोनों घायलों को बबेरू सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
वन क्षेत्राधिकारी जकी अहमद ने बताया कि तेंदुए को बांदा मुख्यालय लाया जा रहा है। यहां से उच्चाधिकारी कानपुर या लखनऊ चिड़ियाघर में भेजेंगे। वन विभाग की टीम में एसडीओ टीएन सिंह समेत ड्राइवर आबिद हुसैन, विशेश्वर, बाबूलाल यादव, रामकरन मिश्रा, रामशरण आदि शामिल रहे। वन विभाग के जुनैद अहमद के मुताबिक पकड़ा गया तेंदुआ वन्य जीवों की सूची में अनुसूची (शेड्यूल-1) में शामिल है। यह दुर्लभ श्रेणी का है।